पॉलीग्राफी टेस्ट से खुलासा, 30 मिनट एकता का शव कार में लेकर घूमता रहा जिम ट्रेनर, ऑफिसर्स क्लब में दफनाया

उत्तर प्रदेश राज्य

कानपुर
कानपुर में ग्रीन पार्क की पार्किंग में हत्या को अंजाम देने के बाद विमल एकता का शव लेकर आधे घंटे तक शहर में घूमता रहा। पहले गंगा बैराज और उन्नाव में शव फेंकने की फिराक में था पर भीड़ अधिक होने से उसकी हिम्मत नहीं पड़ी। फिर शव दफनाने की सबसे मुफीद जगह ऑफिसर्स क्लब ही नजर आई। सुबह शव दफनाने के बाद जिम ट्रेनर क्रॉस चेक करने के लिए दोपहर डेढ़ बजे क्लब गया। वहां पर मिट्टी कम पड़ी होने के बाद दोबारा शव पर मिट्टी डाली।

बच्चे मानने को तैयार नहीं, मां इस दुनिया में नहीं एकता की मौत बच्चों को जिंदगी भर का जख्म दे गई। दो बच्चे तीसरी में हार्दिक तो छठवीं में अर्शी पढ़ती है। मां के आंचल में छिपकर सोने वाले इन मासूमों के सिर से विमल ने आंचल छीन लिया। राहुल के मुताबिक बहुत सी चीजें अभी सामने आनी बाकी हैं लेकिन उसके पास सबसे बड़ी समस्या बच्चों की है। मां से बेहद प्यार करने वाले बच्चे हर समय एकता की बात करते हैं। सोते-जागते, स्कूल जाते और किसी से भी बात करने के दौरान बच्चों का यही प्रश्न होता है कि मां कहां हैं। राहुल ने बताया कि कार्रवाईसे वह संतुष्ट नहीं है। न जाने कुछ ऐसा लग रहा है कि बहुत कुछ अधूरा है। इसलिए जल्द ही सीएम से मिलकर सीबीआई जांच की मांग करूंगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश करने के साथ पुलिस के संपर्क में रहेंगे। पूरी कोशिश करेंगे कि विमल को ऐसी सजा मिले जिससे पत्नी की आत्मा को शांति मिल सके।

जेल में बदल गया मिजाज
विमल के चेहरे पर पहले दिन शिकन दिखाई दी लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतने लगे वह शातिर अपराधी की तरह व्यवहार करने लगा। पुलिस कस्टडी रिमांड से वापस जेल पहुंचने के बाद तो विमल का अंदाज बेहद शातिराना हो गया, इसके लिए उसे जेल प्रबंधन ने डांटा भी। उसे बताया गया कि ये जेल है, तुम्हारी मनमानी नहीं चलेगी। जेल मैनुअल के हिसाब से चलना होगा। कुछ चीजों के लिए विमल ने जेल प्रबंधन से मांग की तो उससे कहा गया कि ये चीजें जेल मैनुअल के मुताबिक नहीं हैं।

पॉलीग्राफी टेस्ट से खुलासा
पुलिस के मुताबिक 48 घंटे की कस्टडी रिमांड में सारे सवालों के जवाब मिल गए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि बहुत से सवाल ऐसे हैं जिनके उत्तर नहीं मिले हैं। अगर पुलिस विमल का पॉलीग्राफी कराए तो हत्याकांड के तमाम बिंदुओं से पर्दा उठ सकता है। विवेचक पर निर्भर करता है अगर संतुष्ट नहीं है तो इस टेस्ट के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अनुमति मांग सकता है। विमल की अनुमति भी लेनी होगी। डीसीपी पूर्वी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि एकता हत्याकांड में कुछ रिपोर्ट आने के बाद जल्द मामले में चार्जशीट दाखिल करेगी जिससे विमल सोनी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।

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