ममता की पार्टी में टूट की आशंका, कई सांसद अलग राह पर

राजनीती

पश्चिम बंगाल
TMC (तृणमूल कांग्रेस) के 20 से ज्यादा सांसद पार्टी छोड़ने की कगार पर हैं. ये सांसद अब खुद को एक अलग गुट बनाना चाहते हैं और NDA (BJP) का साथ देने की बात कर रहे हैं. सोमवार को ये सब लोकसभा स्पीकर से मिलने दिल्ली जा रहे हैं.

TMC यानी ममता बनर्जी की पार्टी में इस वक्त बड़ा घमासान चल रहा है. पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद से पार्टी के अंदर खींचतान बढ़ती जा रही है.

बागी सांसदों का दावा क्या है?
TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार, जो इस बागी गुट की लीडर बन गई हैं, उन्होंने कहा कि उनके साथ अब 22 सांसद हैं. इससे पहले उन्होंने 20 का दावा किया था. दो नए सांसद और जुड़े हैं, लेकिन उनके नाम अभी नहीं बताए गए. काकोली ने कहा कि जब वो लोग औपचारिक रूप से शामिल होंगे, तभी नाम सामने आएंगे.

स्पीकर से मुलाकात क्यों?
सोमवार को ये सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने वाले हैं. मांग यह है कि उन्हें एक अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता दी जाए, यानी वो TMC से अलग एक नया पार्लियामेंट्री ब्लॉक बनाना चाहते हैं. काकोली ने खुद कोलकाता एयरपोर्ट पर मीडिया से यह बात कही.

19 सांसदों के दस्तखत वाला दस्तावेज
शुक्रवार को एक कागज सामने आया जिस पर 19 TMC सांसदों के दस्तखत थे. इन नामों में काकोली घोष दस्तीदार, सताब्दी रॉय, बापी हल्दर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित माल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी यानी देव, जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल हैं.

रचना बनर्जी और सायनी घोष के दस्तखत भी अलग से दिखे. ये सभी स्पीकर को चिट्ठी लिख चुके हैं कि उन्हें काकोली की अगुवाई में अलग गुट माना जाए. हालांकि यह साफ नहीं है कि स्पीकर के दफ्तर को यह चिट्ठी मिली या नहीं. दस्तखतों की असलियत की भी कोई पक्की पुष्टि नहीं हुई है.

NDA का साथ देने की बात
इस बागी गुट ने यह भी कहा है कि वो केंद्र में BJP की अगुवाई वाली NDA सरकार को समर्थन देंगे. यानी यह सिर्फ पार्टी से अलग होना नहीं है, बल्कि सीधे विरोधी खेमे में जाने की तैयारी है.

दिल्ली में मीटिंग और शुवेंदु अधिकारी
बागी सांसदों की एक मीटिंग पहले कोलकाता में होनी थी, लेकिन अब वो दिल्ली शिफ्ट हो गई है. पश्चिम बंगाल के CM शुवेंदु अधिकारी के इस मीटिंग में आने की उम्मीद थी, लेकिन एक सरकारी काम की वजह से वो शायद नहीं आ पाएंगे.

कौन नहीं है इनके साथ?
TMC के कई बड़े नेता इस बागी गुट में नहीं हैं. अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय, महुआ मोइत्रा, किर्ती आजाद, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रतिमा मंडल और सज्दा अहमद के दस्तखत उस कागज पर नहीं थे.

सुदीप और भूपेंद्र की मुलाकात
बीच में एक और दिलचस्प बात हुई. TMC के वरिष्ठ सांसद सुदीप बंदोपाध्याय शनिवार को दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले. इससे अटकलें लगने लगीं कि क्या सुदीप भी बागी गुट में शामिल हो सकते हैं. हालांकि अभी इस बारे में कुछ पक्का नहीं कहा जा सकता.

कुल मिलाकर ऐसा है कि TMC के 20 से ज्यादा सांसद ममता बनर्जी से बगावत कर एक अलग गुट बनाने की कोशिश में हैं. वो NDA का साथ देना चाहते हैं और स्पीकर से मान्यता मांग रहे हैं. पार्टी के भीतर बड़ी टूट देखने को मिल रही है.

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