रायपुर.
इस साल नगर निगम में 500 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूली की कवायद शुरू हो चुकी है. इसी के चलते जहां घर-घर दस्तक देकर 1 लाख ऐसी प्रॉपर्टी जिसका मूल्यांकन नहीं हो पाया है, उनको डिमांड नोटिस थमाई जाएगी. वहीं वाट्सअप चैटबॉट और मैसेज के जरिये टैक्स की सूचना देने के लिए तकरीबन 1 लाख 42 हजार संपत्ति मालिकों के स्मार्टफोन मोबाइल नंबर अपग्रेड करने का काम शुरू कर दिया गया है.
इधर बड़े बकायादारों पर सख्ती के आदेश के बाद निगम जोन-10 कमिश्नरी ने 4 बड़े बकायादारों की प्रॉपर्टी सील कर दी.
जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के मुताबिक जोन 10 के तहत वार्ड क्रमांक 56 के टैगोर नगर क्षेत्र में अभियान चलाकर गोविंद एल्युमिनियम के प्रोपराइटर महेश नारवानी के व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स को नगर निगम ने 10 लाख 47 हजार 196 रुपये बकाया होने एवं बकाया अदा न किये जाने पर सीलबंद कर दिया. इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 50 के महावीर नगर पुरैना क्षेत्र में प्रोपराइटर अजय क्षेत्रे के व्यवसायिक प्रतिष्ठान पर 6 लाख 17 हजार 254 रुपये बकाया राशि जमा नहीं करने पर प्रतिष्ठान को सीलबंद कर दिया गया. इसी कड़ी में वार्ड क्रमांक 56 के श्यामनगर क्षेत्र में प्रोपराइटर अनिल बजाज के व्यवसायिक परिसर को 6 लाख 93 हजार 132 रुपये का बकाया अदा न करने पर सीलबंद किया गया. इस दौरान संबंधित भवन स्वामी ने नगर निगम से बकाया राजस्व की अदायगी करने 3 दिन का समय मांगा. इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 52 के क्षेत्र के अंतर्गत प्रोपराइटर श्रीमती ज्योति शर्मा के आनंद रेस्टोरेंट को नगर निगम का 5 लाख 78 हजार 368 रुपये बकाया टैक्स नहीं देने पर सीलबंद कर दिया गया.
स्वसहायता समूह से मदद से सर्वे
शहर में लगभग 1 लाख ऐसी प्रॉपर्टी जिसका मूल्यांकन नहीं हो पाया. उसका सर्वे करने के लिए नगर निगम अपने कर्मचारियों के अलावा अब स्वसहायता समूहों से मदद ले रहा है. निगम आयुक्त अविनाश मिश्रा के मुताबिक इन स्वसहायता समूहों के माध्यम से डोर टू डोर सर्वे का काम शुरू हो चुका है. जोन के राजस्व निरीक्षकों को कम से कम 50-50 घर का लक्ष्य एक-एक दिन के लिए दिया गया है.
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