जवाहर सिंह बेढम ने आस्था और संस्कृति बचाने के लिए बताया जरूरी, राजस्थान-भजनलाल कैबिनेट का ऐतिहासिक धर्मांतरण बिल

राज्य

जयपुर।

राजस्थान कैबिनेट में धर्मांतरण रोकने के लिए बिल को मंजूरी मिल गई है। इस विषय पर प्रदेश के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने रविवार को आईएएनएस से करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा की। जवाहर सिंह बेढम ने कहा, धर्मांतरण पर कानून बनाने को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्णय का स्वागत और अभिनंदन करता हूं।

इसकी आवश्यकता थी, क्योंकि बहला-फुसला कर, प्रलोभन देकर या जबरदस्ती धर्मांतरण की शिकायत जगह-जगह से आ रही थी। भाजपा नेता ने कहा कि किसी की आस्था और संस्कृति बचाने के लिए इसकी आवश्यकता थी। ऐसे में कल भजनलाल शर्मा की कैबिनेट ने जो ऐतिहासिक निर्णय लिया है, वो स्वागत योग्य है। यह बिल भजनलाल शर्मा के स्वयं के विवेक, सोच और राज्य के हित में लिए गए फैसले का आधार है। बता दें कि राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अगुवाई में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘द राजस्थान प्रोहिबिशन ऑफ अनलॉफुल कन्वर्जन बिल 2024’ को मंजूरी दी गई। कानून मंत्री जोगाराम पटेल इस बिल को राजस्थान के आगामी विधानसभा सत्र में पेश करेंगे। उन्होंने इस संबंध में पत्रकार वार्ता कर कहा, “ जिस तरह प्रदेश में धर्मांतरण के मामले प्रकाश में आए हैं, उसके मद्देनजर यह बिल विधानसभा में पेश किए जाने का फैसला किया गया है। इससे पहले उत्तर प्रदेश में 2021, मध्य प्रदेश में 2021, उत्तराखंड में 2018, गुजरात में 2021, हिमाचल प्रदेश में 2019, झारखंड में 2017 में, कर्नाटक में 2022, ओडिशा में 1967 में धर्मांतरण के विरुद्ध कानून बनाया जा चुके हैं। इसके अलावा, कई अन्य प्रदेशों में भी धर्मांतरण के विरुद्ध कानून बनाए गए हैं। इसे देखते अब हमने भी यह कदम उठाने का फैसला किया है।” उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2008 में वसुंधरा सरकार में धर्मांतरण बिल लाया गया था। 16 साल से यह बिल केंद्र के पास अटका हुआ था। जिसे अब तक राष्ट्रपति ने मंजूरी नहीं दी थी। लेकिन, अब वसुंधरा सरकार में पारित हुआ धर्मांतरण बिल भी भजनलाल सरकार वापस लेगी और धर्मांतरण पर नया बिल पेश करेगी।

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