भोपाल
मध्यप्रदेश की एक आईएएस की अधिकारी को नेताओं की नाराजगी का शिकार होना पड़ा है। 2019 बैच के अधिकारी को नगर निगम से हटाकर ग्वालियर भेज दिया गया है। मामला भोपाल से जुड़ा है। कुछ महीने पहले भोपाल नगर निगम के भाजपा और कांग्रेस पार्षदों ने संयुक्त रूप से एक महिला आईएएस के खिलाफ मीटिंग में निंदा प्रस्ताव पास किया था। अब अपर आयुक्त निधि सिंह को सरकार ने संयुक्त आयुक्त भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त बनाकर ग्वालियर ट्रांसफर कर दिया है।
भोपाल नगर निगम में तैनात थीं निधि सिंह
आईएएस सिंह के पास BCLL (भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड), जल कार्य, राजस्व, संपत्ति कर, जनसंपर्क जैसे कई प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी है। उनके हटने के बाद अब ये विभाग अन्य अपर आयुक्तों को दिए जाएंगे। खास बात यह है कि उनके तबादले का सिंगल आदेश मंगलवार को जारी किया गया है। जिसे राजनीतिक कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
पेश किया गया था निंदा प्रस्ताव
नगर निगम परिषद की बैठक में 13 दिसंबर को अपर आयुक्त सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया था। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नगर निगम नेताओं ने उनपर काम में लापरवाही, जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनने, मोबाइल कॉल नहीं उठाने और फाइलें अटकाने की शिकायतें की थी। इस बात से नाराज होकर परिषद की बैठक में उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था।
2019 बैच की आईएएस अधिकारी हैं निधि सिंह
आपको बता दें कि निधि सिंह 2019 बैच की आईएएस हैं। नगर निगम कमिश्नर के बाद वह वरिष्ठता में सबसे उपर थीं। उन पर आरोप है कि वे बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों को ज्यादा तवज्जो नहीं देती थीं। हालांकि आईएएस निधि सिंह ने पहले कहा था कि वे हर काम को नियम के अनुसार ही कर रही हैं।
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