नई दिल्ली
भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स सहित अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे NASA यानी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के दो अंतरिक्ष यात्रियों को निर्धारित समय से थोड़ा पहले पृथ्वी पर वापस लाया जा सकता है। अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने यह जानकारी दी। सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पिछले साल जून से बोइंग के स्टारलाइनर की तकनीकी समस्याओं के कारण अंतरिक्ष में फंसे हुए हैं, जो उन्हें आईएसएस तक ले गया था।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा कि ‘स्पेसएक्स’ आगामी अंतरिक्ष यात्री उड़ानों के लिए कैप्सूल बदलेगा, ताकि बुच विल्मोर और सुनी (सुनीता) विलियम्स को मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत के बजाय मार्च के मध्य में वापस लाया जा सके। वे आठ महीने से ज्यादा समय से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे हुए हैं। नासा के वाणिज्यिक क्रू प्रोग्राम के प्रबंधक स्टीव स्टिच ने एक बयान में कहा, 'अंतरिक्ष यात्रा अप्रत्याशित चुनौतियों से भरी हुई है।' परीक्षण पायलटों को जून में बोइंग के स्टारलाइनर कैप्सूल पर वापस लाया जाना था। लेकिन कैप्सूल को अंतरिक्ष स्टेशन तक पहुंचने में इतनी परेशानी हुई कि नासा ने इसे खाली वापस लाने का फैसला किया।
इसके बाद स्पेसएक्स ने अधिक तैयारियों की आवश्यकता के मद्देनजर नए कैप्सूल को भेजने में देरी कर दी, जिसकी वजह से विल्मोर और विलियम्स को वापस लाने के मिशन में और देर हुई। अब 12 मार्च को नए कैप्सूल का प्रक्षेपण किया जाएगा। इस पुराने कैप्सूल को पहले ही एक निजी चालक दल को सौंप दिया गया है।
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