जबलपुर
महाकुंभ में अंतिम स्नान पर्व के साथ ही ट्रेन में यात्रियों की भीड़ का रुख बदल गया है। बुधवार रात से प्रयागराज से जबलपुर की ओर आने वाली ट्रेनों में यात्री दबाव बढ़ गया है। महाकुंभ से लौटने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ से लंबी दूरी की ट्रेन के वातानुकूलित कोच की स्थित जनरल जैसी बन गई है।
स्लीपर कोच भी यात्रियों से ठसाठस भरे हुए है। घर आने की हड़बड़ी में अनारक्षित टिकिट लेकर यात्री आरक्षित कोच में चढ़ रहे है। इनकी संख्या अधिक होने से महीनों आरक्षण कराने वाले यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है।
ठसाठस भरकर आ रही महाकुंभ स्पेशल ट्रेनें
आरक्षित कोचों में क्षमता से अधिक यात्री होने से स्टेशन से ट्रेन में चढ़ने-उतरने में भी यात्री परेशानी से जूझ रहे है। वहीं, यात्रियों की सुविधा के लिए प्रयागराज से अनारक्षित स्पेशल ट्रेन चलाई जा रही है। ये ट्रेनें ठसाठस भरकर आ रही है।
प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर श्रृद्धालुओं की भीड़ नियंत्रित करने के लिए जबलपुर होकर चलने वाली कुछ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है। इसके कारण भी लंबी दूरी की जबलपुर होकर जाने वाली अन्य ट्रेनों में श्रृद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है।
बीच के स्टेशनों से एक्सप्रेस ट्रेन में टिकट आरक्षित कराने वाले यात्री कई बार भीड़ के कारण ट्रेन में सवार होने से चूक रहे हैं। वहीं, दरवाजे तक भीड़ होने के कारण यात्रियों गंतव्य में उतरने के लिए कोच की आपातकालीन खिड़की से बाहर आने की नौबत बन रही है।
स्पेशल ट्रेन के रैक रिजर्व
प्रयागराज से जबलपुर रेलखंड में सतना और कटनी तक भीड़ का दबाव अधिक है। बुधवार को भी प्रयागराज से जबलपुर की ओर स्पेशल ट्रेन संचालित की गई है। जबलपुर रेल मंडल की ओर स्पेशल अनारक्षित ट्रेन के लिए कुछ रैक रिजर्व रखे गए है।
इन ट्रेनों को सतना और कटनी स्टेशन में यात्रियों की भीड़ होने पर जिस दिशा में यात्री अधिक होंगे, वहां तुरंत चलाने के लिए तैयार रखा गया है। श्रृद्धालुओं की आवश्यकतानुसार कटनी से बीना की ओर स्पेशल ट्रेन चलाने की भी योजना है। ताकि प्रयागराज, वाराणसी और अयोध्या से लौटने वाले श्रृद्धालुओं के सतना और कटनी पहुंचने के बाद आगे का रेल संपर्क सुविधा प्रदान किया जा सकें।
जबलपुर के रास्ते आयी महानगरी
महाकुंभ स्पेशल ट्रेनों के संचालन की सुविधा के लिए रेलवे ने वाराणसी-मुंबई के मध्य संचालित होने वाली महानगरी का मार्ग परिवर्तित किया था। ये ट्रेन बुधवार को अपने निर्धारित पथ पर लौट आयी। जबलपुर के रास्ते संचालित हुई।
ट्रेन में प्रयागराज से जबलपुर की ओर यात्री की भीड़ अपेक्षाकृत अधिक रही। रेल अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आयी है।
वापसी में भीड़ बढ़ी है, लेकिन यात्री बंटकर आने के कारण पहले जैसी भीड़ की स्थिति नहीं है। जबलपुर से सतना के मध्य रेलवे स्टेशनों में रेल सुरक्षा बल को सतर्क किया गया है। वह ट्रेन आने पर नजर रख रहे है। कोच के दरवाजे बंद होने पर उन्हें खुलवा रहे है, ताकि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में समस्या न हो।
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