वर्ल्ड फेमस यूरोलॉजिस्ट जॉर्ज पी. अब्राहम की मौत;फॉर्महाउस में लटकी मिली यूरोलॉजिस्ट जॉर्ज पी अब्राहम की लाश

दुनिया

कोच्चि
 प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट और सीनियर सर्जन डॉ जॉर्ज पी अब्राहम कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित अपने फार्महाउस में मृत पाए गए। 77 साल के डॉ अब्राहम देश के प्रमुख किडनी ट्रांसप्लांट सर्जनों में से एक थे। वे अपने फार्महाउस में फांसी पर लटके मिले। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस नोट में उन्होंने अपने गिरते स्वास्थ्य का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है कि वे अपनी खराब सेहत के कारण अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। डॉ अब्राहम ने अपने लगभग पांच दशक के करियर में 2,500 से अधिक किडनी ट्रांसप्लांट किए थे। जो कि केरल में एक रिकॉर्ड है।

रविवार को पहुंचे थे फॉर्महाउस
जानकारी के मुताबिक, शनिवार को भी वे कोच्चि के एक प्राइवेट अस्पताल में सक्रिय थे और मरीजों से मिले थे। हाल ही में उनकी रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हुआ था। उनके फार्महाउस के पास रहने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि हर रविवार को वे अपने फार्महाउस जाते थे और वहां समय बिताते थे। स्थानीय निवासी ने कहा कि उसी तरह वह रविवार (2 मार्च) को यहां थे। उनके भाई भी उनके साथ थे। सोमवार सुबह डॉक्टर के आत्महत्या करने की खबर सुनकर उन्हें बहुत धक्का लगा। डॉ अब्राहम रविवार शाम को अपने छोटे भाई के साथ फार्महाउस पहुंचे थे और बाद में उसे वापस भेज दिया था। बाद में वे फार्महाउस में फांसी पर लटके पाए गए।

मेडिकल इतिहास में दर्ज कराया नाम
अपने लंबे करियर में एक यूरोलॉजिस्ट स्पेशलिस्ट के रूप में डॉ अब्राहम ने मेडिकल इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया। जब वे लैप्रोस्कोपिक विधि का उपयोग करके डोनर से किडनी निकालने वाले तीसरे सर्जन बने। डॉ अब्राहम की ओर से किए गए अन्य अभूतपूर्व कार्यों में एक कैडेवर से ट्रांसप्लांट और कुछ अन्य प्रक्रियाएं शामिल हैं जो आमतौर पर केरल में नहीं की जाती हैं। एक बहुत ही मजबूत अकादमिक व्यक्ति डॉ अब्राहम एक लोकप्रिय व्यक्ति थे। जो सेमिनार और बैठकों में भाग लेते थे और अपने जूनियर के साथ अपनी विशेषज्ञता साझा करते थे। स्थानीय पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। उनका अंतिम संस्कार दोपहर में सेंट जॉर्ज जैकोबाइट सीरियन चर्च चेरुथोट्टुकुन्नेल में होगा।

सुसाइड नोट में क्या?
डॉ अब्राहम ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि अपने गिरते स्वास्थ्य के कारण मैं अपने कर्तव्यों को पूरा नहीं कर पा रहा हूं। यह दर्शाता है कि उनकी बिगड़ती सेहत उनके इस कदम के पीछे एक प्रमुख कारण थी। रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के बाद उनका स्वास्थ्य गिर रहा था, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक परेशानी हो रही थी। उन्होंने अपने लंबे और प्रतिष्ठित करियर में हजारों लोगों की जान बचाई। लेकिन अपनी बीमारी के कारण वे खुद को असहाय महसूस कर रहे थे। यह घटना चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है।

हर समस्या का है हलमन में सुसाइड का ख्याल आए तो मनोचिकित्सक से बात करके आप अपनी समस्या का हल खोज सकते हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 14416 है, जहां आप 24X7 संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा और भी कई हेल्पलाइन नंबर्स हैं जहां आप संपर्क कर सकते हैं। सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्रालय की हेल्पलाइन- 1800-599-0019 (13 भाषाओं में है) इंस्टीट्यूट ऑफ़ ह्यमून बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज-9868396824, 9868396841, 011-22574820 हितगुज हेल्पलाइन, मुंबई- 022- 24131212 नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंस-080 – 26995000

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