इंदौर
इंदौर-पीथमपुर इकॉनोमिक कॉरिडोर(Indore-Pithampur Economic Corridor) के लिए सरकार ने अपनी लैंड पुलिंग पॉलिसी बदल दी। किसानों को जमीन के बदले 60 फीसदी विकसित भूखंड मिलेंगे। अब एमपीआइडीसी भी बदलाव करने जा रहा है। विभाग किसानों तक पहुंचने जा रहा है। गांव-गांव में शिविर लगाकर सहमति पत्र लिया जाएगा।
एमपीआइडीसी के इस कॉरिडोर को लेकर सरकार ने 60% विकसित भूखंड देने का फैसला किया है। 20.24 किमी लंबे कॉरिडोर में 1291 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी।
अब तक सवा सौ बीघा जमीन के पत्र आए
असर यह हुआ कि नियमित एमपीआइडीसी के दफ्तर में किसान सहमति पत्र लेकर पहुंच रहे हैं। अब तक सवा सौ बीघा जमीन के पत्र आ गए हैं तो रोज बड़ी संख्या में किसानों के मिलने का सिलसिला जारी है। मालूम हो, 1291 हेक्टेयर जमीन के करीब 3500 से अधिक मालिक हैं। कई लोगों के पास जमीन के अलग-अलग हिस्से भी हैं। कार्यालय आना आसान भी नहीं होता, जिसको देखते हुए गांवों में शिविर लगाए जाएंगे।
कलेक्टर ने ली बैठक
एमपीआइडीसी कार्यालय पर कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने और जमीन मालिकों से बात कर सहमति लेने के निर्देश दिए। भूमि अधिग्रहण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में एमपीआइडीसी के राजेश राठौड़, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, एडीएम ज्योति शर्मा, एसडीएम गोपाल वर्मा, राकेश मोहन त्रिपाठी, राकेश परमार आदि मौजूद है।
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