फर्जी डॉक्टर के कारनामों से चर्चा में आए मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित, इन कारणों से अस्पताल का लाइसेंस हुआ निरस्त

मध्य प्रदेश राज्य

दमोह
दिल के ऑपरेशन के दौरान सात लोगों की मौत का जिम्मेदार फर्जी डॉक्टर नरेंद्र जान केम मिशन अस्पताल में काम कर रहा था। इस अस्पताल के लाइसेंस को निलंबित कर दिया है। जांच में यह बात सामने आई कि अस्पताल के लाइसेंस की अवधि तो 31 मार्च को ही समाप्त हो गई थी। कैथलैब का संचालन भी बिना लाइसेंस के किया जा रहा था। सीएमएचओ डॉ मुकेश जैन ने बुधवार को मिशन अस्पताल के लाइसेंस को आगामी आदेश तक निलंबित करते हुए मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
 
इन कारणों से अस्पताल का लाइसेंस हुआ निरस्त
डॉ जैन ने बताया कि मिशन अस्पताल का लाइसेंस 31 मार्च को खत्म हो चुका था। अस्पताल प्रबंधन ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था, लेकिन उसमें कुछ कमियां पाए जाने के कारण उनका आवेदन वापस कर दिया गया था।
सात दिन के अंदर फिर से आवेदन करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन मिशन अस्पताल प्रबंधन ने आवेदन प्रस्तुत नहीं किया। किसी नर्सिंग होम में जो सुविधाएं होनी चाहिए, वह अस्पताल में नहीं थीं। डॉक्टरों की पदस्थापना की कमी भी पाई गई। इन कारणों से आगामी आदेश तक मिशन अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया है।

आवेदन किया तो परीक्षण करेगी टीम
सीएमएचओ डॉ जैन ने बताया कि यदि अस्पताल प्रबंधन द्वारा लाइसेंस के लिए पुनः आवेदन किया जाता है, तो स्वास्थ्य विभाग की टीम आवेदन का परीक्षण करेगी। इसके बाद समूची शर्तें पूर्ण करने पर उनके लाइसेंस का नवीनीकरण किया जा सकता है, लेकिन तब तक उनका लाइसेंस निलंबित ही रहेगा। अस्पताल का संचालन नहीं हो पाएगा।

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