जयपुर
जयपुर में बुधवार को एक लोकतांत्रिक दृश्य देखने को मिला, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की। नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस ने राजधानी जयपुर में ईडी दफ्तर के बाहर बड़ा प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे शुरू हुए इस विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
'यह सिर्फ न्याय की मांग है, सच्चाई का साथ है'
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में कहा, “देश में इस तरह का माहौल बना दिया गया है जैसे कोई बहुत बड़ा घोटाला हो गया हो। जबकि सच्चाई यह है कि इसी मामले में पहले जांच हो चुकी है और कांग्रेस नेतृत्व को क्लीन चिट मिल चुकी है। यह सिर्फ एक झूठे आरोप को दोहराने की कोशिश है। हमारा संघर्ष सच्चाई के लिए है, लोकतंत्र के लिए है।”
‘सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ एकजुटता’
टीकाराम जूली ने कहा कि राष्ट्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्ष को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा, “यह कोई मनी लॉन्ड्रिंग केस नहीं, बल्कि एक नॉन-प्रॉफिट संस्था का मामला है। कोई लेन-देन नहीं हुआ, सिर्फ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है।”
दिल्ली से सचिन पायलट बोले – यह मामला राजनीति से प्रेरित
राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कहा, “यह पूरा मामला राजनीति से प्रेरित है। हम न्यायपालिका में आस्था रखते हैं और कानून के दायरे में रहकर इसे सुलझाएंगे। सोनिया गांधी जी की छवि खराब करने का जो प्रयास हो रहा है, देश की जनता उसे समझती है।”
राजस्थान सरकार का विरोधाभासी बयान
वहीं, राज्य सरकार के मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस के घोटालों के इतिहास की ओर इशारा करते हुए कहा कि ईडी अपनी जांच प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है और कांग्रेस को न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखना चाहिए।
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