ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन जोरों पर, उपसरपंच ने सरपंच पति और प्रशांत शुक्ला पर लगाए गंभीर आरोप

छत्तीसगढ़ रायपुर

एमसीबी/मनेंद्रगढ़
 ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। उपसरपंच ऋषभ तिवारी ने सरपंच पति और रेत ठेकेदार प्रशांत शुक्ला पर अवैध रेत उत्खनन को बढ़ावा देने का गंभीर आरोप लगाया है।

उपसरपंच का कहना है कि पंचायत क्षेत्र में रेत के अवैध खनन से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, साथ ही राजस्व की भी हानि हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

इस मामले में ग्राम पंचायत की वर्तमान सरपंच सोनकुंवर ने भी ठेकेदार प्रशांत शुक्ला और पंचायत सचिव टीपी पर चोरी और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर को शिकायत पत्र सौंपा था उन्होंने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर रेत की खुदाई की जा रही है।

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब पंचायत क्षेत्र में अवैध रेत खनन की शिकायतें सामने आई हों। स्थानीय नागरिकों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच प्रक्रिया प्रारंभ की जा सकती है।

 

ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन जारी, शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

ग्राम पंचायत बिछियाटोला में अवैध रेत उत्खनन का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। उपसरपंच ऋषभ तिवारी द्वारा सरपंच पति और रेत ठेकेदार प्रशांत शुक्ला पर लगाए गए आरोपों के बाद भी रेत खनन थमने का नाम नहीं ले रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतों के बावजूद प्रशांत शुक्ला द्वारा भारी मशीनों और हरित उपकरणों (ग्रीन इक्विपमेंट्स) के माध्यम से अवैध रेत उत्खनन जारी है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान हो रहा है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

वर्तमान सरपंच सोनकुंवर ने भी रेत ठेकेदार प्रशांत शुक्ला और पंचायत सचिव टीपी के खिलाफ चोरी और अनियमितताओं की शिकायत पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से की थी। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले पर खनिज विभाग भी पूरी तरह मौन साधे बैठा है। विभाग की चुप्पी से अवैध खनन को और बल मिलता दिख रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ग्राम पंचायत क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लग सके।

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