नई दिल्ली
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक जातिगत जनगणना का मु्द्दा उठा। इसे लेकर कार्यसमिति ने प्रस्ताव पास किया। इसमें बिना किसी देरी, बहाने और टालमटोल के जातिगत जनगणना शुरू कराने की मांग की गई। इसके अलावा आरक्षण से जुड़े एक अन्य प्रस्ताव को पारित किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई बैठक में जाति जनगणना के मुद्दे पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में पारित प्रस्ताव में दो मांग की गई। इसमें पहली थी कि निजी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, दलितों और आदिवासियों के आरक्षण के लिए संविधान के अनुच्छेद 15(5) को तत्काल लागू किया जाए। साथ ही जाति जनगणना बिना किसी देरी के कराई जाए।
कार्यसमिति में पारित प्रस्तावों को जिला और विधानसभा स्तर पर होने वाली संविधान बचाओ रैलियों में उठाया जाएगा। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी पत्र में सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को इसके निर्देश दिए गए हैं। कांग्रेस महासचिव ने कहा है कि कांग्रेस के दबाव के बाद मोदी सरकार जाति-वार जनगणना कराने मजबूर हो गई है।
दो मई को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में जातिगत जनगणना के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसमें पहला कि निजी शिक्षण संस्थानों में ओबीसी, दलितों और आदिवासियों के आरक्षण के लिए संविधान के अनुच्छेद 15(5) को तत्काल लागू किया जाए। जाति जनगणना बिना किसी देरी के कराई जाए। इसके लिए पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाए। साथ ही बजट का आवंटन ठीक से किया जाए। इसके अलावा प्रश्नावली तैयार करने, गणना करने, वर्गीकरण करने और आंकड़ों को प्रकाशित करने में सहभागी दृष्टिकोण अपनाया जाए। आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और कल्याण संबंधी नीतियों की समीक्षा और उन्हें मजबूत करने के लिए जातिगत डाटा का उपयोग किया जाए।
संविधान बचाओ रैली में उठाएं मुद्दा
कांग्रेस महासचिव ने प्रदेश कांग्रेस कमेटियों से कहा है कि सभी राज्यों और जिलों में आयोजित होने वाली आगामी संविधान बचाओ रैलियों में इस मांग को उठाया जाए। अनुच्छेद 15(5) के तत्काल कार्यान्वयन की मांग पर जोर दिया जाए। इसकी निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया जाए। इसके अलावा सभी गतिविधियों और रिपोर्टिंग की देखरेख और समन्वय के लिए जिला स्तर पर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाए।
घर-घर तक पहुंचे कार्यकर्ता
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को 30 मई तक निर्धारित विधानसभा स्तरीय संविधान बचाओ रैलियां और घर-घर अभियान को पूरा करना है। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिक समाज कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, वकीलों, दुकानदारों, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों और बहुजन समुदायों के साथ चौपाल बैठकें की जाएं।
इसमें कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक और सतत प्रतिबद्धताओं को बताया जाए। साथ ही भाजपा की बहुजन विरोधी विचारधारा, जाति गणना के प्रति उसके विरोध के बारे में भी बताया जाए। जाति जनगणना और अनुच्छेद 15(5) के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए व्यापक जन समर्थन जुटाया जाए। इसके अलावा मीडिया और सोशल मीडिया के जरिये अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटियों से साप्ताहिक रिपोर्ट तलब की गई है।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

