पुलिस ने ऑपरेशन सील के तहत कार्रवाई को दिया अंजाम, शराब की बड़ी खेप बरामद, जांच में जुटी

राज्य

पंजाब
पुलिस के हाथ बड़ी सफलताल लगी है। मोहाली में पुलिस ने शराब से भरे एक ट्रक को पकड़ा है। जांच में पता चला कि यह शराब की पेटियों से भरा ट्र्क चंडीगढ़ से हरियाणा जा रहा था। पुलिस ने ऑपरेशन सील के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस ने मोहाली जिले के डेराबस्सी सब डिवीजन के पास हंडेसरा एरिया में एक स्पेशल नाका लगाया हुआ था जैसे ही वहां पर ट्रक आया उसे रोका तो ड्राइवर ने तेज से ट्रक भगाने की कोशिश की। ट्रक की तलाशी ली तो पुलिस के होश उड़ गए।

जांच में ट्रक में 500 से ज्यादा शराब की पेटियां बरामद की गई। पूछताछ के दौरान ट्रक चालक शराब से संबंधित किसी भी तरह के वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह शराब कहां से लाई जा रही थी और कहां सप्लाई की जानी थी। बता दें कि अमृतसर में जहरीली शराब से हुई कई लोगों की मौत के बाद पंजाब पुलिस प्रदेशभर में अलर्ट मोड पर है। फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

पंजाब में नकली शराब से हो रही मौतों के बाद प्रशासन और पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी कड़ी में पटियाला पुलिस ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 600 लीटर मेथनॉल जब्त किया, जिसे अवैध रूप से दिल्ली से ट्रक के जरिए पंजाब लाया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह मेथनॉल नकली शराब तैयार करने के लिए लाया जा रहा था। पंजाब पुलिस ने दावा किया है कि यह केमिकल जानलेवा हो सकता था और बड़ी संख्या में लोगों की जान ले सकता था। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है और इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

इस घटनाक्रम के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर मेथनॉल की बिक्री और सप्लाई को नियंत्रित करने के लिए सख्त गाइडलाइन्स बनाने की मांग की है। चीमा ने पत्र में कहा है कि मेथनॉल के खुले बाजार में दुरुपयोग की आशंका लगातार बढ़ रही है, और इसका सबसे खतरनाक रूप जहरीली शराब के रूप में सामने आता है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया है कि इंडस्ट्री एक्ट 1951 के तहत मेथनॉल पर नियंत्रण को लेकर ठोस और कड़े नियम बनाए जाएं, ताकि इस खतरनाक केमिकल का दुरुपयोग रोका जा सके। फाइनेंस मिनिस्टर ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि लोगों की ज़िंदगियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस मुद्दे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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