भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी अब जल्द ही भारत लौटेगा, यूके कोर्ट ने खारिज कर दी याचिका; जल्द हो सकती है वापसी

देश

लंदन

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले का मुख्य आरोपी और भगोड़ा हीरा व्यापारी नीरव मोदी अब जल्द ही भारत लौट सकता है. ब्रिटेन की एक उच्च अदालत ने मोदी की वह अंतिम याचिका भी खारिज कर दी है, जिसके जरिए वह भारत प्रत्यर्पण को रोकने की कोशिश कर रहा था. नीरव मोदी, जो पिछले छह वर्षों से लंदन की वांड्सवर्थ जेल में बंद है, अब सभी कानूनी विकल्प गंवा चुका है. इस फैसले से भारत में उसके खिलाफ चल रही न्यायिक कार्रवाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.

मानसिक स्वास्थ्य और मानवाधिकार का तर्क हुआ फेल

नीरव मोदी के वकीलों ने कोर्ट में दलील दी थी कि उसकी मानसिक स्थिति बेहद नाजुक है और उसे आत्महत्या के विचार आते हैं. उन्होंने कहा कि यदि मोदी को भारत भेजा गया, तो यह यूरोपियन कन्वेंशन ऑन ह्यूमन राइट्स के अनुच्छेद-3 का उल्लंघन होगा. इसके तहत किसी व्यक्ति को अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार के खतरे में नहीं डाला जा सकता. इसके साथ ही, उन्होंने भारत की जेलों की दशा, न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और निष्पक्ष सुनवाई पर भी सवाल उठाए.

भारत सरकार की ओर से ठोस जवाब

भारत की ओर से क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस (CPS) ने इन दलीलों का पूरी मजबूती से जवाब दिया. CPS ने कोर्ट में यह स्पष्ट किया कि नीरव मोदी की आत्महत्या की आशंका कानूनी रूप से प्रत्यर्पण रोकने की सीमा में नहीं आती.

इसके साथ ही भारत सरकार ने कोर्ट को बताया कि मुंबई की आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में विशेष आत्महत्या रोकथाम उपाय मौजूद हैं. जेल के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी व्यवस्था पर विशेषज्ञों की रिपोर्ट भी कोर्ट के सामने रखी गई.

कोर्ट ने माना भारत की न्यायिक प्रणाली स्वतंत्र

यूके की जस्टिस विक्टोरिया शार्प ने फैसला सुनाते हुए कहा कि भारत की न्यायिक प्रणाली निष्पक्ष और स्वतंत्र है. कोर्ट ने माना कि नीरव मोदी को मुकदमे में पूरा अवसर मिलेगा और उसके साथ उचित व्यवहार होगा. इसी के आधार पर कोर्ट ने मोदी की प्रत्यर्पण के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया.

क्या है मामला?

नीरव मोदी पर भारत में 13,000 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी का आरोप है, जो उसने पंजाब नेशनल बैंक के साथ की थी. यह देश के सबसे बड़े बैंक घोटालों में से एक है. आरोप लगने के तुरंत बाद वह देश छोड़कर भाग गया था और 2019 में ब्रिटेन में गिरफ्तार हुआ. अब जब ब्रिटेन की अदालत ने अंतिम याचिका भी खारिज कर दी है, तो नीरव मोदी की भारत वापसी लगभग तय मानी जा रही है. भारतीय एजेंसियां उसकी वापसी के लिए आवश्यक प्रक्रिया में तेजी ला सकती हैं.

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