प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम

मध्य प्रदेश राज्य

उज्जैन

खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत मंगलवार को आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम के माध्यम से देशभर के 8794 लाभार्थियों को 300 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी संवितरित की गई। यह संवितरण करीब 884 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृति के सापेक्ष किया गया। यह आयोजन मुंबई स्थित केवीआईसी के केंद्रीय कार्यालय, इर्ला रोड, विले पार्ले (पश्चिम) से सम्पन्न हुआ, जिसमें केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने लाभार्थियों को सब्सिडी ऑनलाइन माध्यम से जारी की। इस अवसर पर केवीआईसी की सीईओ सुरूपराशि के साथ ही केंद्रीय कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस संवितरण में देश के सभी छह जोन की भागीदारी रही। दक्षिण क्षेत्र के आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी के लिए 2445 परियोजनाएं स्वीकृत हुईं, जिसके लिए 80.26 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। मध्य जोन में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड की 2366 परियोजनाओं के लिए 91.13 करोड़ रुपये की सब्सिडी संवितरित की गई। पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल व अंडमान निकोबार और पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम और त्रिपुरा के लिए कुल 2167 परियोजनाओं को करीब 62.68 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई। उत्तर क्षेत्र के हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, राजस्थान की 1320 परियोजनाओं के लिए 41.80 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। वहीं पश्चिम क्षेत्र के गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा में 496 परियोजनाओं को 24.12 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस तरह देशभर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को सशक्त बनाने के लिए यह एक व्यापक और प्रभावी अभियान सिद्ध हुआ।

संवितरण कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में पीएमईजीपी योजना ने आज भारत में स्व-रोजगार का एक मजबूत और प्रभावी आधार तैयार किया है। खादी और ग्रामोद्योग आज केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत के सपनों का सार है। इस योजना ने लाखों युवाओं को न केवल रोजगार दिया है, बल्कि उन्हें उद्यमशीलता की शक्ति से भी जोड़ा है।"

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) जब से शुरू हुआ है तब से लेकर वित्त वर्ष 2024-25 तक ग्रामीण और शहरी भारत में उद्यमिता और आत्मनिर्भरता का स्तंभ बन चुकी है। योजना के अंतर्गत अब तक कुल 10,18,185 सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना की जा चुकी है, जिनके लिए भारत सरकार द्वारा 73,348.39 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किया है। इसमें लाभार्थियों को 27,166.07 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम से अब तक देश में 90,04,541 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है, जो इसे देश की सबसे प्रभावी स्वरोजगार योजनाओं में से एक है।

 

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