चंडीगढ़
इस भीषण गर्मी में कोई भी पुलिसकर्मी सड़क पर ड्यूटी करना पसंद नहीं करता, लेकिन इसके बावजूद कई जवान मोटी रकम देकर अपनी ट्रांसफर करवा कर ट्रैफिक विंग में आ रहे हैं। इससे साफ है कि ट्रैफिक विंग में कमाई के मोटी कमाई हैं। मनचाही बदली करवाने वाले पुलिसकर्मी अधिकारियों के दफ्तर में बैठे खास लोगों से मिलकर आते हैं, जिसके हफ्ते बाद उन जवानों का नाम तबादला सूची में आ जाता है।
होगा 10 हज़ार रुपए का चालान
ज़ीरकपुर से आते ही पोल्ट्री फार्म लाइट पॉइंट पर पुलिसकर्मियों ने बाहरी राज्यों की नंबर प्लेट वाली गाड़ियों को रोका और काफी देर तक खड़ा करके रखा। इसके अलावा फर्नीचर मार्केट चौक पर भी मोहाली से आने वाले वाहनों को बिना किसी ट्रैफिक उल्लंघन के रोका गया। गाड़ियों के टायर थोड़े बाहर निकले हैं या बोनट पर टेप लगी है, इस तरह के बहाने बनाकर 10-10 हज़ार रुपए का चालान करने की धमकी दी जाती है। इसके बाद शुरू होता है पुलिस का "खेल", चालान की धमकी देकर गाड़ियों को सेटिंग के जरिए छोड़ा जा रहा है। खासकर बाहरी राज्यों की गाड़ियों को निशाना बनाया जा रहा है।
नए भर्ती जवान कर रहे हैं रिश्वत से इनकार
हाल ही में भर्ती हुए कुछ जवान भ्रष्टाचार करने से अपने सीनियर अधिकारियों को साफ मना कर रहे हैं, क्योंकि उनकी नौकरी को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल नंबर की गाड़ियां चला रहे लोगों में चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस का खौफ बना हुआ है।
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