अंबाला
रॉबर्ट वाड्रा को एक बार फिर कोर्ट में पेश होना है। कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रही है। इस पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को देश की संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा नहीं है। विज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर योजना और तरीके से संस्थाओं को कमजोर करना चाहती है, जबकि ये संस्थाएं किसी भी प्रजातांत्रिक देश की असली ताकत होती हैं। अनिल विज ने कहा, "देश में अब तक सैकड़ों बार धारा 356 लगाई जा चुकी है, जिनमें से अधिकांश कांग्रेस के कार्यकाल में लगीं। पिछले 11 सालों में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार भी धारा 356 नहीं लगाई, क्योंकि बीजेपी एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जबकि कांग्रेस तानाशाही रवैया अपनाती है।"
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से मक्का की कीमत और किसानों की हालत को लेकर बीजेपी सरकार पर लगाए गए आरोपों पर अनिल विज ने जवाब दिया। पिछले दिनों भूपेंद्र हुड्डा ने कहा था, "मंडियों में मक्का पिट रही है और बीजेपी सरकार आंखें मूंदकर बैठी है।" मंगलवार को विज ने इस पर तंज कसते हुए कहा, "मुझे लगता है जब से कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई है, हुड्डा साहब रोज खुद पिटते हैं। हर चीज ठीक चल रही है, लेकिन इन्हें हर बात में विरोध करना है।"
अनिल विज ने कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया की टिप्पणी को लेकर भी प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जाहिर की थी। विज ने कहा, "मुख्यमंत्री बनना और बनकर काम करना, दोनों में जमीन-आसमान का फर्क होता है।"
कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया ने पिछले दिनों एक बयान में कहा था, "अगर उन्हें एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बना दिया जाए तो वो हरियाणा की तकदीर बदल देंगे।"
इसके पहले अनिल विज ने सोमवार को जाति जनगणना के साथ 16वीं जनगणना के लिए जारी नोटिफिकेशन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार जनगणना के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्यों से लेकर केंद्र तक, प्रधानमंत्री इसके लिए बैठक कर चुके हैं। हमारे मुख्यमंत्री भी इसे लेकर बैठक कर चुके हैं। हम जनगणना के लिए पूरी तरह तैयार हैं।" चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनिल विज ने "वन नेशन-वन इलेक्शन" को लेकर भी जवाब दिया। विज ने कहा, "चुनावों में बहुत समय और पैसा खर्च होता है। मैं इस बात से सहमत हूं कि 'एक देश-एक चुनाव' जरूरी है।"
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