रायपुर
हिंदू पंचांग के अनुसार जब सूर्य, आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करता है तब अंबुवाची योग का संयोग बनता है। अंबुवाची योग में असम स्थित प्रसिद्ध मां कामाख्या देवी के मंदिर में माता का रजस्वला दिवस मनाया जाता है। कामाख्या मंदिर की तर्ज पर राजधानी के देवेंद्र नगर के समीप फोकटपारा में मां कामाख्या मंदिर में भी पांच दिवसीय अंबूवाची योग महोत्सव मनाया जाता है। इस साल पांच दिवसीय योग महोत्सव 22 जून से 26 जून तक मनाया जाएगा। चार दिनों तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। मंदिर के बाहर ही भजन, सत्संग और विशेष पूजन किया जाएगा।
देवेंद्र नगर, फाफाडीह मार्ग पर नारायणा अस्पताल के पहले फोकटपारा में मां कामाख्या मंदिर स्थित है। मंदिर की स्थापना 58 साल पहले की गई थी। मंदिर के पुजारी पं. हीरेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, ग्रीष्मकाल समाप्त होने और मानसून प्रारंभ होने के पहले के संधिकाल में सूर्य के आद्रा नक्षत्र में प्रवेश करने के साथ ही अंबूवाची योग महोत्सव मनाया जाता है। अंबूवाची योग में धरती माता और मां कामाख्या का रजस्वला दिवस मनाए जाने की मान्यता है। असम स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मंदिर में देशभर से तांत्रिकगण और श्रद्धालु दर्शन, पूजन करने जाते हैं। पुजारी पं. हीरेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, जब सूर्य आद्रा के नक्षत्र में प्रवेश करता है, अंबूवाची योग का संयोग बनता है। अंबूवाची योग में असम स्थित मां कामाख्या के मंदिर में माता का रजस्वला महोत्सव मनाया जाता है।
22 जून को गौरी गणेश कलश, कच्छप, नौ कलश चक्र, नवग्रह, चर्तुदिक शिवलिंग, चौसठ योगिनी, षोडशमातृका, सप्तघृत मातृका, क्षेत्रपाल चक्र, वास्तु चक्र, पंच लोकपाल, दस दिगपाल का पूजन किया जाएगा। रात्रि में मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। 22 से 24 जून तक मंदिर के बाहर जसगीत, दुर्गा सप्तशती पाठ, सुंदर कांड का पाठ होगा। 25 जून की रात्रि में मंदिर का पट खोला जाएगा। षोडषोपचार स्नान के बाद शृंगार किया जाएगा। 26 को दोपहर एक बजे हवन के बाद कलशयात्रा निकाली जाएगी। माता की पालकी फोकटपारा से होते हुए देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र से वापस मंदिर पहुंचेगी। छोटी कन्याओं का पूजन किया जाएगा। माता को भोग अर्पित कर महाभंडारे में प्रसादी वितरण होगा।
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