बुरहानपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्यपुत्री ताप्ती नदी के राजघाट का अद्भूत दृश्य

मध्य प्रदेश राज्य

बुरहानपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्यपुत्री ताप्ती नदी के राजघाट का अद्भूत दृश्य
 
अर्चना चिटनिस सहित समाजजनों ने किया योग
बुरहानपुर

अग्निचक्र समाचार सेवा। बुरहानपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्यपुत्री ताप्ती नदी के राजघाट पर अद्भूत दृश्य देखने को मिला। विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनिस ने जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों सहित समाजजनों एवं पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ योग किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का विशाखापत्तनम से वर्चुअली संबोधन भी सुना। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि “योगः कर्मसु कौशलम“ अर्थात्, योग हमें सिखाता है कि हम अपने प्रत्येक कर्म को कुशलतापूर्वक और समर्पण भाव से परमात्मा को अर्पित करते हुए करें। यह केवल शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। “समत्वं योग उच्यते“ अर्थात योग का सार है समभाव; संसार के प्रत्येक व्यक्ति और स्थिति को सम दृष्टि से देखना। यही समत्व जीवन में संतुलन और स्थिरता लाता है। “अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम“ उदार दृष्टिकोण वाले समस्त वसुधा को ही अपना कुटुम्ब मानते हैं।

 भारतीय संस्कृति का यही मूल चिंतन है संघर्ष, शोषण और युद्ध से ऊपर उठकर ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना के साथ सबके कल्याण की दिशा में चलना। योग शरीर के अनुशासन के साथ विश्व के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि आज विश्व के 180 से अधिक देशों ने योग कर स्वस्थ रहने का संदेश दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों से विश्व ने योग अपनाया है। श्रीमती अर्चना चिटनिस ने कहा कि योग शरीर के अनुशासन के साथ विश्व के कल्याण का मार्ग खोलता है। दुनिया ने युद्ध दिया, लेकिन भारत ने दुनिया को भगवान बौद्ध और योग दिया, जो मानव कल्याण के मार्ग को प्रशस्त कर रहे हैं। 

योग का मतलब ही जोड़ना होता है। योग मन को जोड़ने का कार्य करता है। एकाग्रता से कार्य करने से ही सफलता मिलती है। एकाग्रता योग से ही प्राप्त की जा सकती है। अपने कार्य को कुशलता पूर्वक संपन्न कर परमात्मा को समर्पित करना ही योग है। योग ब्रह्मांड को समान भाव से देखने की दृष्टि देता है, जो संघर्ष, शोषण, युद्ध से निकलकर सबके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। यही भारत की सर्वे भवन्तु सुखिनः की सनातन परंपरा है। योग के माध्यम से दुनिया के सभी संघर्ष को समाप्त करने में सफलता मिलेगी। आज करोड़ों लोग दुनिया में योग कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुरूआत हुई और आज संपूर्ण विश्व योग की तरफ बढ़ रहा है। 

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत में आज जमीन, पानी और आकाश पर एक साथ योग किया गया। प्रधानमंत्री जी ने योग को जन-जन तक पहुंचाने के साथ दुनिया को स्वस्थ रहने का संदेश दिया है एवं सनातन से चली आ रही परंपरा को पुनर्जागृत करने का पुनीत कार्य किया है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ मनोज माने, कैलाश पारीख, बलराज नावानी, नरहरी दीक्षित, जगदीश कपूर, डॉ.मनोज अग्रवाल, आशीष शुक्ला, धनराज महाजन, संभाजीराव सगरे, गौरव शुक्ला, मनोज फुलवाणी, रितेश सरोदे, अक्षय मोरे, चिंटू राठौर, महेश चौहान, शिवकुमार पासी, श्रीमती उमा कपूर, श्रीमती सुधा चौकसे, भरत रावल, गौरव शिवहरे एवं विजय राठौर सहित अन्य जनप्र्रतिनिधि, गणमान्यजन सहित नागरिकगण उपस्थित रहे।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry