इंदौर
इंदौर के प्राणी संग्रहालय में एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत कर्नाटक के शिमोगा प्राणी संग्रहालय से चार जंगली भैंस (बायसन) इंदौर और शुतुरमुर्ग आए। इसके बदले वहां एक टायगर भेजा गया है। सोमवार सुबह नए मेहमानों को देखने मुख्यमंत्री मोहन यादव प्राणी संग्रहालय पहुंचे। वे पक्षीघर भी गए और पक्षियों को दाने खिलाए। इसके बाद वे भोपाल रवाना हुए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव रात को उज्जैन से लता अलंकरण समारोह में शामिल होने के लिए उज्जैन से सड़क मार्ग से इंदौर आए थे। रात को उन्हे भोपाल जाना था, लेकिन उन्होंने इंदौर में रुकने का फैसला लिया। वे कनकेश्वरी देवी गरबा स्थल पहुंचे। तब तक टीम इंडिया क्रिकेट मैच जीत चुकी थी। वहां शामिल लोगों के साथ उन्होंने जीत का जश्न मनाया।
इसके बाद वे रेसीडेंसी कोठी पहुंचे। सुबह उन्होंने कोठी पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और फिर प्राणी संग्रहालय पहुंचे। वहां चल रहे कामों का जायजा लिया। उन्हें अफसरों ने बताया कि आधुनिक फिए एक्वेरियम का निर्माण शुरू किया जा चुका है। डेढ़ साल में यह बनकर तैयार हो जाएगा। आधे घंटे रुकने के बाद वे भोपाल के लिए रवाना हो गए। इससे पहले उन्होंने चार माह पहले किंग कोबरा को इंदौर चिडि़याघर में बने सांपघर में छोड़ा था।
जिराफ भी आएंगे प्राणी संग्रहालय
इंदौर के प्राणी संग्रहालय में जल्दी ही वन्यप्रेमी जिराफ को भी देख सकेंगे। मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर जू में पहले आए जेब्रा की देखरेख उत्कृष्ट स्तर पर हुई।इस कारण अब इंदौर जू जिराफ प्राप्त करने की पात्रता हासिल कर चुका है। यह नया मेहमान भी चार माह के भीतर इंदौर आ जाएगा।महापौर ने कहा कि जेब्रा की बेहतरीन देखभाल और सफल प्रजनन के कारण इंदौर जू ने जिराफ प्राप्त करने की पात्रता हासिल कर ली है। आने वाले समय में शहरवासी जिराफ का दीदार कर सकेंगे। साथ ही, उन्होंने बताया कि जल्द ही इंदौर जू में मध्य भारत का सबसे आकर्षक एक्वेरियम स्थापित होगा, जो शहर और प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
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