IIT Kanpur में खुदकुशी मामले में 4 महीने बाद दर्ज हुई FIR,तीन लोगों पर प्रताड़ना और ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश राज्य

 कानपुर
 यूपी के आईआईटी कानपुर में पांच महीने पहले एक शोधार्थी छात्र ने सुसाइड कर लिया था। छात्र के परिजनों ने असिस्टेंट प्रोफेसर, शोधार्थी छात्रा और उसकी मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस को छात्र के रूम से एक सुसाइड नोट मिला था। जिसमें लिखा था क्विट कर रहा हूं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हैंडराइटिंग का मिलान तक नहीं कराया। सुसाइड नोट को जांच के लिए नहीं भेजा।

मूलरूप से आजमगढ़ थाना क्षेत्र स्थित उफरी गांव निवासी अंकित यादव आईआईटी में केमेस्ट्री में शोध कर रहे थे। अंकित ने हॉस्टल के कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। छात्र के पिता रामसूरत यादव का आरोप था कि दिल्ली की द्वारिका निवासी योगिता यादव अंकित की लैबमेट थी। बेटे से करीबी बढ़ाने के साथ ही आर्थिक शोषण भी किया। अंकित ने पर्सनल लोन लेकर 50 हजार रुपए दिए।

ब्लैकमेल करने का आरोप
अंकित ने इसकी शिकायत योगिता की मां मीरा यादव से की तो दोनों ने माफी मांगते हुए रकम लौटा दी थी। मां-बेटी ने अंकित को ब्लैकमेल कर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने आपत्तिजनक फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। पिता का आरोप है कि आरोपी मां बेटी के अलावा अंकित के गाइड असिस्टेंट प्रोफेसर पार्थ सारथी भी उसे प्रताड़ित करने लगे।

राइटिंग का नहीं कराया मिलान
मां-बेटी ने झूठे मुकदमें में फंसाने की धमकी देकर अंकित से पांच लाख रुपए की मांग की। जिससे आहत होकर अंकित ने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अंकित के सुसाइड को राइटिंग का मिलान नहीं कराया गया। इसके बाद परिजनों ने कोर्ट की शरण ली। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।

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