सोम नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न, 2 घंटे की बारिश में यमुनानगर हुआ पानी-पानी

राज्य

यमुनानगर 
पहाड़ी एवं मैदानी इलाकों में हुई भारी वर्षा के चलते सोम और पथराला नदियां उफान पर हैं। 10000 क्यूसेक क्षमता वाली सोम नदी में 17700 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया। जिसके चलते सोम नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो चुका है। 

वहीं यमुनानगर नगर निगम के करोड़ों रुपए की लागत से नालों की सफाई के दावे खोखले साबित हुए, जब मानसून की पहली बारिश ने यमुनानगर जगाधरी को पानी-पानी कर दिया। आज सुबह हुई भारी वर्षा के बाद यमुनानगर जगाधरी के सभी गली मोहल्ले में इसी तरह के हालात नजर आए। पानी पहले तो गलियों में नजर आया, उसके बाद लोगों के घरों में घुसा। लोगों का काफी नुकसान हुआ। जब तक लोग समझ पाते तब तक उनका सारा सामान भीग चुका था  यमुनानगर जगाधरी के लोगों ने इसे नगर निगम का फेलियर बताया है। लोगों का कहना है कि पानी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है, बार-बार दावे किए जाते हैं लेकिन जमीनी हकीकत अब नजर आ रही है। जब पहली ही बारिश में यमुनानगर जगाधरी के अधिकांश इलाकों में पानी ही पानी नजर आ रहा है।

नगर निगम पिछले दो महीने से तैयारी कर रहा था। नालों की सफाई के वीडियो दिखाए जा रहे थे। बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे, लेकिन वह दावे सब खोखले साबित हुए। जब पानी की निकासी नजर नहीं आई, सीवरेज ओवरफ्लो हो गए और पानी लोगों के घरों में घुसा। देखना यह होगा कि अगले कुछ घंटे में क्या हालात बनते हैं।

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