रायपुर
राजधानी रायपुर के पंडरी मार्ग स्थित खालसा स्कूल के सामने बने चौक पर प्रदेश के राजकीय पशु वन भैंसा की प्रतिमा स्थापित किए हुए चार महीने से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसका अनावरण नहीं किया गया है। मेटल से बनी यह प्रतिमा प्लास्टिक कवर से ढंकी हुई है, जो अब फटने लगा है और जगह-जगह से मूर्ति झांकने लगी है। पूर्व वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने इसे लेकर राज्य सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए हैं।
पूर्व वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि भाजपा सरकार राजकीय पशु वन भैंसा की प्रतिमा का अनावरण नहीं कर पा रही है। इससे राजकीय पशु के प्रति राज्य सरकार का उदासीन रवैया उजागर होता है ।
उन्होंने बताया है कि मेटल का वन भैंसा बनाकर इसे खालसा स्कूल के सामने बने चौक पर स्थापित किया गया हैं। वन भैंसा की प्रतिमा महीनों से अनावरण का इंतजार कर रही है। मोहम्मद अकबर ने कहा कि वन भैंसा की प्रतिमा देखकर लोग राजकीय पशु के बारे में जान सकेंगे। लेकिन राज्य सरकार राजकीय पशु के बारे में जानकारी देने गंभीर नहीं है।
जानिए राज्य में कहां-कहां पाए जाते हैं ये वन भैंसें ?
गौरतलब है कि वन भैंसा मुख्यतः उदंती–सीतानदी टाइगर रिज़र्व (गरियाबंद) में पाए जाते हैं, जहां इनकी संख्या केवल 9 बताई जाती है। इसके अलावा इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान और पामेड़ अभ्यारण्य जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में भी इनकी मौजूदगी मानी जाती है, लेकिन इन क्षेत्रों में संख्या का कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में वन भैंसों की संख्या बेहद कम और संवेदनशील स्थिति में है। ऐसे में सिर्फ संरक्षण नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाना भी जरूरी है। लेकिन दुर्भाग्यवश, राजधानी में लगी वन भैंसा की एकमात्र प्रतिमा भी चार महीने से अधिक समय से आम जनता की नजरों से छिपाकर रखी गई है।
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