आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की नींव रखेगा ‘बजट संकल्प 2026-27’: उद्योग मंत्री का दावा

रायपुर
वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रस्तुत राज्य के वर्ष 2026-27 के बजट संकल्प 2026-27 को छत्तीसगढ़ को विकसित एवं आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक, संतुलित एवं दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने इस जनोन्मुखी एवं विकासपरक बजट के लिए वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।
देवांगन ने कहा कि 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के अनुमानित प्रावधान वाला यह बजट राज्य की आर्थिक संरचना को सुदृढ़ करते हुए निवेश, औद्योगिक विस्तार और व्यापक रोजगार सृजन की स्पष्ट कार्ययोजना प्रस्तुत करता है। प्रदेश की लगभग 60 प्रतिशत कार्यशील जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए उद्योग एवं सेवा क्षेत्र के विस्तार पर विशेष बल दिया गया है, जिससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 रोजगार केंद्रित है। विगत वर्ष लगभग 1,000 उद्योगों को उत्पादन प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनके माध्यम से 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ तथा 15 हजार से अधिक रोजगार के अवसर निर्मित हुए। यह राज्य में निवेश अनुकूल वातावरण एवं औद्योगिक विश्वास का सशक्त संकेत है।
उद्योग मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिनमें मटीया (कसडोल), बिरकोनी (महासमुंद), छाती (धमतरी), बनगांव-बी (पत्थलगांव) सहित अन्य क्षेत्र शामिल हैं। नवीन औद्योगिक क्षेत्रों के लिए लैंड बैंक तैयार करने हेतु 200 करोड़ रुपये तथा उद्योगों को अनुदान एवं प्रतिपूर्ति के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पूर्व की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के कचना में 17 एकड़ क्षेत्र में प्रदेश की पहली चार मंजिला प्लग-एंड-प्ले फैक्ट्री विकसित की जा रही है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। ग्राम तूता, नवा रायपुर अटल नगर में कन्वेंशन सह एक्जिबिशन सेंटर के निर्माण हेतु 25 करोड़ रुपये, भिलाई में व्यावसायिक परिसर हेतु 10 करोड़ रुपये, पटेवा (राजनांदगांव) में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 हेतु 10 करोड़ रुपये तथा नवा रायपुर अटल नगर एवं राजनांदगांव में इंडस्ट्रियल फैसिलिटेशन कॉम्प्लेक्स हेतु 20 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रदेश के औद्योगिक अधोसंरचना विकास को नई गति देगा।
देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा रायपुर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद तथा जापान के ओसाका में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं और वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि Ease of Doing Business के अंतर्गत सिंगल विंडो सिस्टम एवं छत्तीसगढ़ जन विश्वास अधिनियम जैसे सुधारात्मक कदमों के माध्यम से शासन उद्योगों के लिए सुगम, पारदर्शी और प्रोत्साहनकारी वातावरण उपलब्ध करा रहा है। वर्ष 2024-25 में उद्योग विभाग का बजट 648 करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2026-27 में बढ़कर 1,750 करोड़ रुपये हो गया है। यह वृद्धि राज्य सरकार की उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन के प्रति स्पष्ट प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
लखन लाल देवांगन ने कहा कि “संकल्प 2026-27” केवल बजट नहीं, बल्कि समावेशी विकास, औद्योगिक प्रगति और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण का ठोस संकल्प है, जो प्रदेश की विकास यात्रा को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान करेगा।



