खैरागढ़
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ स्थित शासकीय अंग्रेजी माध्यम प्राथमिक शाला (क्रमांक-1) में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है. स्कूल की किताबें, रजिस्टर समेत कई सरकारी दस्तावेज को बिना किसी प्रक्रिया के आगे के हवाले कर दिया गया. जिसके बाद यह सवाल उठ रहा है क्या कुछ छुपाने की साजिश के तहत यह दस्तावेज जला दिए गए.
स्थानीय लोगों और शिक्षकों ने घटना को लेकर नारजगी जाहिर की है. उनका कहना है कि दस्तावेजों को इस तरह जलाना न सिर्फ सरकारी नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सीधा प्रहार है. लोगों ने कहा अगर इस तरह दस्तावेज जलाए जाते रहे तो भविष्य में गड़बड़ियों को छिपाने का रास्ता खुल जाएगा.
जांच के दिए गए निर्देश
घटना की शिकायत मिलने पर नागरिकों ने जिला कलेक्टर सुमन राज के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसे संयुक्त कलेक्टर सुमन राज ने प्राप्त किया. उन्होंने कहा कि “शासकीय दस्तावेजों को जलाने की शिकायत गंभीर है. जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं. दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो.”
जांच के बाद खुल सकती हैं परतें
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल में दस्तावेज जलाने की घटना अगर समय पर नहीं रोकी गई, तो शासन और प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो जाएंगे. लोगों में घटना को लेकर नाराजगी है और उन्हें उम्मीद है कि जांच में सच सामने आए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो.
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
