अखिलेश यादव का BJP पर निशाना: JPNIC बर्बाद, अब बंद स्कूलों में मनाएंगे स्वतंत्रता दिवस

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ 
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जेपी एनआईसी को लेकर एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। जेपीएनआईसी और स्कूलों के मर्जर को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सभी बंद स्कूलों में 15 अगस्त को तिरंगा फहराने का भी ऐलान किया। अखिलेश ने कहा कि समाजवाद और देश के बचाने के लिए जयप्रकाश नारायण जी बाहर निकले थे। उनके साथ पूरा देश था। संपूर्ण क्रांति आंदोलन का परिणाम यह हुआ कि राजनीति में बदलाव आ गया। कई पार्टियां बन गईं। अब वही लोग जिन्होंने जेपी के नाम पर बने जेपी एनआईसी को बर्बाद कर दिया, वही लोग बिहार में जाकर वोट मांगेंगे।

लखनऊ में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश ने कहा कि जेपी एनआईसी कमेटी के हम लोग मेम्बर थे। उसे भंग कर दिया गया। जय प्रकाश नारायण के नाम पर बनाया गया संस्थान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत था। सरकार इसे चला नहीं पाई। अब एलडीए को दे दिया। क्या वह चला पाएगी। हमने पहले भी कहा है कि अगर जेपीएनआईसी को बेचना ही है तो हम लोग चंदा लगाकर लेने के लिए तैयार हैं। अखिलेश ने कहा कि जेपी एनआईसी की बर्बादी मीडिया को वहां जाकर देखनी चाहिए। जेपी एनआईसी को बर्बाद कर बिहार में किस आधार पर भाजपा वाले वोट मांगेगे।

अखिलेश ने कहा कि लोग राजनितिक लाभ के लिए भाषा विवाद हो रहा है। महाराष्ट्र मे गुजरात के लोगो को पीटा गया। कहा कि सरकार को जेपी एनआईसी के हर फ्लोर को एक-एक भारतीय भाषा के प्रचार के लिए आवंटित कर देना चाहिए। हिंदी समेत किसी भाषा का अपमान न हो। अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने हारने वाले बूथ चिह्नित कर लिए हैं। उनके संबंधित स्कूल बंद किए जा रहे हैं। 15 अगस्त को सपा कार्यकर्ता बंद हो रहे 5000 स्कूलों मे जाकर स्वतंत्रता दिवस मनाएंगे। वहां पर तिरंगा झंडा फहराएंगे।

उत्तर भारतीयों का अपमान बर्दाश्त नहीं
महाराष्ट्र में हिंदी भाषा के मामले में मारपीट की निंदा करते हुए अखिलेश ने कहा कि देश की सभी भाषाओं का सम्मान होना चाहिए मगर हिंदी भाषी लोगों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महाराष्ट्र में हिंदी भाषा का विरोध सही नहीं है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है जो गलत है। भाजपा की मंशा समाज में खाई पैदा कर राजनीतिक लाभ उठाना है।

उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार को मराठी, गुजराती, कन्नड़, उर्दू और तमित समेत सभी प्रांतों की भाषाओं के उत्थान और प्रचार प्रसार के लिये बड़े बजट का प्रावधान करना चाहिये। बड़ी संख्या में लोग रोजगार और पर्यटन के लिये एक से दूसरे राज्य में जाते है। भाषा और संस्कृति की आपसी समझबूझ से देश में सदभावना का माहौल बनेगा और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी। सपा अध्यक्ष ने कहा कि देश के लाखों युवक विदेशों में रोजगार के लिए जाते हैं। हाल ही में अमेरिका से कई भारतीय जंजीरों में बांधकर वापस भेजे गये। यह सरकार की विफलता का प्रमाण है। इस अवसर पर उन्होंने लखीमपुरखीरी में 23 जून को तेंदुए से लोहा लेने वाले वीर श्रमिक और उसके परिवार का सम्मान किया।

 

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