मुंबई,
चार दशक पहले आई फिल्म ‘मासूम’ की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए निर्माता शेखर कपूर ‘मासूम – द नेक्स्ट जेनरेशन’ लेकर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर हाल ही में मूल फिल्म के पोस्टर के साथ साझा एक भावुक पोस्ट में उन्होंने अपनी यात्रा और इस कहानी के प्रति अपने निजी जुड़ाव को याद किया। शेखर कपूर ने लिखा कि यह फिल्म घर और पहचान के सवालों के बारे में है और इसे गढ़ने में उन्हें पूरे दस साल लगे ताकि यह मूल फिल्म जितनी सरल हो लेकिन उतनी ही गहरी और अर्थपूर्ण भी।
कपूर ने माना कि यह सीक्वल उनके अपने जीवन में हमेशा मौजूद रही पहचान की खोज से प्रेरित है, जो उनके लिए बेहद निजी रही है। इसी विषय पर 1983 की ‘मासूम’ में नजर आई दिग्गज अभिनेत्री शबाना आज़मी ने भी हाल ही में बात की। उन्होंने कहा कि शेखर कपूर को पहचान का सवाल हमेशा उलझाता रहा है और वह लंबे समय से इसे समझने की कोशिश करते रहे हैं। शेखर कपूर ने एक हालिया स्क्रिप्ट नैरेशन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब उन्होंने फिल्म उद्योग के अपने करीबी दोस्तों को यह कहानी सुनाई तो हर किसी की आंखों में आंसू आ गए और उनकी अपनी आंखें भी भर आईं। उन्होंने कहा कि अब, जब वह दोबारा निर्देशक की कुर्सी पर लौट रहे हैं, तो वे आशीर्वाद चाहते हैं कि इस कहानी की सच्चाई को उसी सरलता से कह सकें और एक बार फिर परिवार, घर और पहचान के नजरिए से भावनाओं की गहराइयों में उतर सकें।
‘मासूम – द नेक्स्ट जेनरेशन’ के साथ शेखर कपूर सिर्फ एक सीक्वल नहीं बना रहे हैं, बल्कि उस भावना और ईमानदारी को फिर से जीना चाहते हैं जिसने दशकों पहले लोगों के दिलों को छुआ था। इस बार उनके साथ उनकी बेटी कावेरी कपूर भी हैं, जो फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। पद्म भूषण से सम्मानित और विश्व सिनेमा में अपनी अलग पहचान रखने वाले शेखर कपूर इस नई फिल्म के जरिए एक ऐसी कहानी कहना चाहते हैं जो घर, परिवार और पहचान जैसे सार्वकालिक सवालों को नए दौर के नजरिए से फिर से देखने का अवसर दे। बता दें कि फिल्म ‘मासूम’ ने परिवार, प्यार और गहन भावनाओं के सरल मगर असरदार चित्रण से लाखों दर्शकों का दिल छू लिया था। एक बार फिर निर्माता शेखर कपूर इसी तरह की कहानी दर्शकों के लिए लेकर आ रहे हैं।
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