उज्जैन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शुक्रवार से श्रावण मास की शुरुआत होगी। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात तीन बजे मंदिर के पट खुलेंगे। पश्चात भगवान की भस्म आरती होगी। देशभर से लाखों श्रद्धालु दर्शन को उमड़ेंगे। मंदिर प्रशासन ने महापर्व को लेकर तैयारी की है। मंदिर परिसर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में रंगरोगन किया गया है। गर्भगृह की रजत मंडित दीवार, चांदी द्वार आदि की साफ- सफाई की जा रही है। आकर्षक विद्युत रोशनी से मंदिर दमक रहा है।
महाकाल मंदिर में 11 जुलाई से नौ अगस्त तक एक माह श्रावण का उल्लास छाएगा। रोज करीब एक लाख भक्तों के महाकाल दर्शन करने आने का अनुमान लगाया जा रहा है। महाकाल मंदिर समिति व जिला प्रशासन उसी के अनुसार तैयारी कर रहे हैं।
श्रावण में मंदिर के पट खुलने का समय बदल जाएगा। आम दिनों में तड़के चार बजे खुलने वाले मंदिर के पट श्रावण में प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे तथा सप्ताह के शेष दिनों में रात तीन बजे खुलेंगे। इसके बाद भस्म आरती होगी।
भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था रहेगी। कोई भी व्यक्ति बिना किसी अनुमति के चलते हुए भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की अत्यधिक संख्या को देखते हुए कार्तिकेय मंडपम में तीन लाइन चलाकर भक्तों को भस्म आरती के दर्शन कराने की व्यवस्था की है।
सामान्य, शीघ्र दर्शन, कावड़ यात्रियों के लिए अलग-अलग द्वार
सामान्य दर्शनार्थी : आम श्रद्धालुओं को महाकाल महालोक के नंदी द्वार से प्रवेश मिलेगा। इसके बाद मानसरोवर भवन, फैसिलिटी सेंटर के रास्ते दर्शनार्थी गणेश व कार्तिकेय मंडपम से भगवान के दर्शन करेंगे।
सशुल्क शीघ्र दर्शन : 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थी गेट नं.1 व गेट नं.4 से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। यह दर्शनार्थी भी कार्तिकेय व गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे।
कावड़ यात्री : देशभर से आने वाले कावड़ यात्रियों को मंगलवार से शुक्रवार गेट नं. 4 से वीआईपी प्रवेश मिलेगा। सप्ताह में तीन दिन शनि, रवि व सोमवार को कावड़ यात्री सामान्य दर्शनार्थियों के साथ प्रवेश करेंगे।
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