अब सराफा चौपाटी का स्वरूप बदलेगा, अपने पुराने रूप में नजर आएगी

मध्य प्रदेश राज्य

इंदौर 

 सराफा चौपाटी में अब सिर्फ 80 परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को बाहर करने पर गुरुवार को हुई महापौर परिषद (एमआईसी) की बैठक में मुहर लग गई। परंपरागत दुकानों को निगम से पंजीयन करवाना होगा। नगर निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा। इस पर 22 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि खर्च होगी। शहरवासियों को जल्द ही ऑन डिमांड कचरा कलेक्शन की सुविधा मिलने लगेगी। शहर में जल्द ही प्लास्टिक और कपड़ों से ईंधन बनने लगेगा।

ये वे कुछ प्रस्ताव हैं, जिन्हें गुरुवार को हुई महापौर परिषद की बैठक में स्वीकृति मिल गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में निगम मुख्यालय के सभागृह में हुई इस बैठक में निगमायुक्त शिवम वर्मा, महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर, अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा, मनीष शर्मा, राकेश जैन और प्रिया डांगी शामिल हुईं। बैठक में 50 से ज्यादा प्रस्तावों पर चर्चा हुई। सभी को स्वीकृति दे दी गई।

सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर उठ रहे थे सवाल

सराफा चौपाटी की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। गुरुवार को हुई एमआईसी की बैठक में परंपरागत 80 दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें बाहर (Indore Shop Removal News) करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा ऑन डिमांड कचरा संग्रहण, प्लास्टिक से ईंधन, चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क, रिमूवल कार्रवाई में जब्त सामान को छोड़ने के शुल्क में बढ़ोतरी को भी स्वीकृति दी गई। बैठक में 500 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव पर भी मुहर लग गई।

इन प्रस्तावों पर लगी मुहर
महापौर भार्गव ने बताया कि स्वच्छता के माडल को अगले स्तर पर ले जाते हुए अब इंदौर में आन डिमांड कचरा संग्रहण कार्य शुरू किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आन डिमांड कचरा संग्रहण किया जाएगा। मोबाइल एप से सूचना मिलने पर घरों, फैक्ट्रियों और संस्थानों से कचरा तत्काल उठाया जा सकेगा।

हानिकारक घरेलू कचरे का निपटान किया जाएगा। पुराने कपड़ों से धागा बनाने की यूनिट को मंजूरी दी गई।

प्राणी संग्रहालय में मध्य भारत का पहला आधुनिक फिश एक्वेरियम स्थापित करने का प्रस्ताव स्वीकृत किया गया।

मृत पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए रोबोटिक सिस्टम और पालतू जानवरों के लिए एनिमल कारकस सुविधा की स्वीकृति।

खराब हो चुके कुकिंग आयल की प्रोसेसिंग से बायोडीजल बनाने की योजना को स्वीकृति।

29 गांवों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज सुधार के 61.50 करोड़ रुपये के काम स्वीकृत किए गए।

निगम चौराहा से अहिल्याश्रम तक 22 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से रिवर फ्रंट विकसित किया जाएगा।

बड़ा गणपति फ्लाइओवर की बड़ी बाधा सीवर लाइन की शिफ्टिंग को मंजूरी दे दी गई।

अटल बिहारी वाजपेई क्षेत्रीय उद्यान (रीजनल पार्क) को पीपीपी माडल पर संचालित किया जाएगा। एजेंसी तय की जाएगी।

नगर निगम कर्मचारियों की उपस्थिति अब चेहरा देखकर लगेगी। इसके लिए फेस आधारित उपस्थिति प्रणाली के क्रियान्वयन को स्वीकृति दी गई।

चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड तक बनने वाली सड़क के लिए 26.83 करोड़ रुपये की योजना को स्वीकृति दी गई।

निपानिया चौराहा पर आइकोनिक स्कल्पचर की स्थापना की जाएगी।

नगर निगम के सभी वाहनों की अब ऑनलाइन निगरानी होगी। वर्कशाप को डिजिटलाइज किया जाएगा।

सराफा चौपाटी नए रूप में आएगी नजर

    निर्देश दे दिए हैं सराफा चौपाटी में सिर्फ परंपरागत दुकानें ही रहेंगी। शेष दुकानों को हटाया जाएगा। इस संबंध में कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सराफा चौपाटी नए स्वरूप में दिखाई देगी। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर

दुकानों को हटाने की समय सीमा तय नहीं

    जल्द ही हम सराफा चौपाटी का सर्वे कर परंपरागत दुकानदारों को चिह्नित कर लेंगे। इन दुकानों को छोड़कर शेष दुकानें हटाई जाएंगी। अभी समय सीमा तय नहीं की है, लेकिन ये कार्रवाई जल्दी ही कर लेंगे। – -शिवम वर्मा, निगमायुक्त इंदौर नगर निगम

 

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