जालंधर
सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने पर जालंधर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही कड़ी कार्रवाई के तहत, जालंधर जिले के 3 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग ने डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल के पत्र पर यह कार्रवाई की है।
इस कार्रवाई को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। निलंबित अधिकारियों में पंचायत सचिव पुरुषोत्तम लाल और दिलबाग सहोता (दोनों पंचायत समिति जालंधर पश्चिम) और पंचायत सचिव परविंदर सिंह (पंचायत समिति फिल्लौर) शामिल हैं। विभाग ने निर्देश दिया है कि निलंबन अवधि के दौरान इन अधिकारियों का मुख्यालय जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय, जालंधर रहेगा।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि पंचायत स्तर पर लोगों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य प्रत्येक गांव में पारदर्शी, जवाबदेह और जन कल्याणकारी प्रशासन सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि जो भी कर्मचारी और अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करना और आम जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन अब लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा।
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