झारखंड विधानसभा सत्र की घोषणा, 1-7 अगस्त तक चलेगा सत्र, कैबिनेट ने लिए 27 बड़े फैसले

राज्य

रांची 
झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 27 अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक का मुख्य निर्णय झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आयोजित करने को लेकर रहा, जो 1 अगस्त से 7 अगस्त 2025 तक चलेगा। बैठक में कई विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों को भी मंजूरी दी गई। 
झारखंड मंत्रालय में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में लिए गए प्रमुख फैसलों में झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि राज्य के विभिन्न थानों में उपयोग किए जा रहे अधिकांश वाहन अब जर्जर हो चुके हैं। थानों में वाहनों की कमी और उनकी खराब स्थिति को देखते हुए 1255 चार पहिया और 1697 दो पहिया वाहन खरीदने का प्रस्ताव पास किया गया है। इन वाहनों की खरीद GeM पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जिस पर कुल 146.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यदि GeM पोर्टल पर वाहन उपलब्ध नहीं रहते हैं तो खरीदारी वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या 2315 के तहत दो चरणों में की जाएगी।

कैबिनेट ने राज्य में यूनिफाइड पेंशन स्कीम लागू करने की भी मंजूरी दी है। इसके अलावा जमशेदपुर के तत्कालीन सिविल सर्जन डॉक्टर अरविंद कुमार लाल की सेवा बर्खास्तगी को निरस्त करने का फैसला लिया गया है।

बैठक में नई खुदरा उत्पाद नीति के तहत दैनिक पारिश्रमिक पर सेल्समैनों के माध्यम से खुदरा उत्पाद दुकानों के संचालन की अनुमति दी गई है। इसके लिए झारखंड राज्य बिवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से कार्य किया जाएगा, जब तक नई नीति पूरी तरह लागू नहीं हो जाती।

वहीं, कुम्हारिया मोड़ से संग्रामपुर तक कुल 6.33 किलोमीटर सड़क के पुनर्निर्माण के लिए 38.89 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। कैबिनेट ने हजारीबाग के तत्कालीन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश दिनेश कुमार मिश्र, जो वर्तमान में लातेहार में कार्यरत हैं, को रांची से दिल्ली एयर एम्बुलेंस से ले जाने पर हुए 5.75 लाख रुपये के खर्च की प्रतिपूर्ति की भी स्वीकृति दी।

इसके अलावा, दिवंगत मंत्री जगरनाथ महतो के फेफड़ों के प्रतिरोपण के बाद चेन्नई के एमजीएम अस्पताल में कराई गई अनुगामी चिकित्सा के 44.83 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति को भी मंजूरी दी गई। अंत में, उत्तरवर्ती बिहार एवं झारखंड राज्य स्थित एकीकृत बिहार पंचायत राज वित्त निगम लिमिटेड के कर्मियों के बकाया वेतन भुगतान हेतु झारखंड आकस्मिकता निधि से अग्रिम निकासी को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

 

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