अलवर
अलवर में शेयर मार्केटिंग और ट्रेडिंग से जुड़े एक युवक का अपहरण कर उसे जंगल में ले जाकर बुरी तरह पीटने और उसका वीडियो बनाकर 3.5 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने बदमाशों के दिए अकाउंट में 50 हजार रुपये ट्रांसफर भी कर दिए थे। जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लोकेशन ट्रेस की और बूंदी टोल से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पीड़ित युवक को छुड़वा लिया।
अपहृत युवक हंसराज ने जानकारी देते हुए बताया कि वह बाइक से लौट रहा था, तभी बोलेरो में सवार कुछ लोगों ने उसे जबरन रोक लिया और आंखों पर कपड़ा बांधकर कार में डाल लिया। कार में लगातार उसे पीटा गया। इसके बाद जंगल में ले जाकर आरोपियों ने एक वीडियो शूट किया, जिसमें हंसराज गिड़गिड़ा रहा है- "पेमेंट कर दे भाई, वरना मैं इनके हाथों मर जाऊंगा।" यह वीडियो वॉट्सऐप के जरिए परिवार को भेजा गया।
पीड़ित के मुताबिक आरोपी लगातार अलग-अलग आरोप लगाते रहे, कभी छेड़छाड़, कभी साइबर ठगी तो कभी सीधी फिरौती की मांग। आरोपियों ने हंसराज से 50 हजार रुपए एक खाते में ट्रांसफर करवाए, जिसे बाद में अलवर स्थित एटीएम से एक स्थानीय युवक द्वारा निकाला गया। इससे पुलिस को शक है कि वारदात में गैंग का स्थानीय नेटवर्क भी सक्रिय है।
थानाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि पीड़ित के भाई देशराज ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कुछ ही देर में उन्हें मारपीट का वीडियो मिला, जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बदमाशों के पास परिवार की हर गतिविधि की जानकारी थी। इससे संकेत मिले कि कोई जानकार व्यक्ति गैंग से जुड़ा हो सकता है।
एएसपी तेजपाल सिंह ने बताया कि परिजनों द्वारा रुपये भेजने के बाद आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई और अलग-अलग टीमों को भेजा गया। बूंदी टोल नाके पर पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया और पीड़ित युवक को सुरक्षित छुड़ा लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह एक संगठित गैंग है जो फिरौती, ठगी और अपहरण जैसी वारदातों में संलिप्त है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है।
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