नई दिल्ली
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के लिए उस गलती को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें सीट बंटवारे के दौरान देरी हुई और लोगों में गलत संदेश गया। ठाकरे ने माना है कि यह एक गलती थी, जिसे सुधारना होगा। अगर भविष्य में ऐसी गलतियां होती रहीं तो गठबंधन में रहने का कोई मतलब नहीं है। ठाकरे के इस बयान के बाद से महाराष्ट्र और राजधानी दिल्ली की सियासत तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी की हार का मुख्य कारण फर्जीवाड़ा था।
रविवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देखिए, उद्धव ठाकरे के हिसाब से जो वो कारण बता रहे हैं, वह कारण भी हो सकता है। लेकिन, वह बहुत छोटा कारण होगा। चुनाव में हार की असली वजह फर्जीवाड़ा ही है। शाम 5 बजे के बाद लगभग 70 लाख वोट कैसे डाले जा सकते हैं? क्या यह संभव भी है? और, विपक्ष के वोट जानबूझकर कम किए गए। जब मतदान हो रहा था तब बाहर से मतदाताओं को लाया गया था। कुछ जगहों पर, एक ही पते पर हजारों मतदाता पंजीकृत हैं।
कांग्रेस नेता उदित राज के मुताबिक, महाराष्ट्र के चुनावों में धोखाधड़ी की गई है। हमारे नेता राहुल गांधी ने तथ्यों के आधार पर चुनाव आयोग से सवाल किए। इतने महीने बीतने के बावजूद भी आयोग राहुल गांधी के सवालों के जवाब नहीं दे पाया है। इसे क्या समझा जाए? कांग्रेस नेता ने कहा कि मतदान के दौरान सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है। लेकिन, चुनाव आयोग ने एक नियम बना दिया है कि 45 दिनों के बाद सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर दिया जाता है।
शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें कुछ ऐसी सीटें भी गठबंधन के सहयोगियों को देनी पड़ी, जिस पर उनके उम्मीदवार जीतते रहे थे। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर अंतिम क्षणों तक हुई बातचीत से जनता के बीच हमारे बारे में गलत संदेश गया। भविष्य में ऐसा होता है तो साथ में रहने का क्या मतलब रह जाएगा?
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad

