मौसम विभाग का अलर्ट: जबलपुर और आसपास के जिलों में मूसलधार बारिश के आसार

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल 

मध्य प्रदेश में इस बार के मानसूनी सीजन में अबतक कुल 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। हालांकि, आज 23 जुलाई तक औसत 13.7 इंच बारिश होना चाहिए थी। यानी अबतक प्रदेशभर में सामान्य से औसत से 7.3 इंच अधिक बारिश हुई है। ऐसे में सिर्फ चंद दिनों की बारिश से ही प्रदेशभर में सीजन का आधे से ज्यादा बारिश का कोटा पूरा हो चुका है।

मध्य प्रदेश की सामान्य औसत बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है। अब तक प्रदेश में औसत 21 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। इनमें सबसे अधिक निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो सामान्य बारिश से 15 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में अबतक 10 इंच से भी कम बारिश हो सकी है।

फिर एक्टिव हो रहा स्ट्रॉन्ग सिस्टम

वहीं, लगभग हफ्तेभर से लगे ब्रेक के बाद एमपी में एक बार फिर बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। मौसम केंद्र ने बुधवार को जबलपुर समेत 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

वहीं, मौसम विभाग ने जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सागर, दमोह, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर में अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिरने का अलर्ट जारी किया है। अन्य जिलों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर रहेगा।

शाजापुर में नदी से मछली पकड़ने गए 27 वर्षीय विशाल केवट की आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मौत हो गई।

सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चार दिन तक कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश का अलर्ट है।

24 को इन जिलों में बारिश का अलर्ट
भोपाल में दिनभर धूप रही। शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया। टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने गुरुवार को पन्ना, सतना, रीवा, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाकी जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश होने की संभावना है।

MP में 21 इंच गिर चुका पानी
भारत में मानसून (Monsoon) की एंट्री 24 मई को हुई। मानसून ने सबसे पहले केरल पहुंचा। फिर कर्नाटक में दस्तक दी। तमिलनाडु, गोवा, महाराष्ट्र, मिजोरम, मणिपुर, नगालैंड, आंध्र प्रदेश होते हुए 16 जून को मानसून एमपी आया। 20 जून तक मानसून ने सभी जिलों को करव कर लिया। तब से सूबे में झमाझम बारिश हो रही है। अब तक 21 इंच बारिश हो चुकी है। जबकि 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है। 

एक साथ एक्टिव हुए दो साइक्लोनिक सिस्टम

इसी के साथ प्रदेश के अन्य इलाकों में गरज-चमक, आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दरअसल प्रदेश में मानसून ट्रफ और दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव हैं। इस कारण से कहीं भारी तो कहीं अति भारी बारिश की स्थिति बन रही है। ये स्थिति फिलहाल चार-पांच दिन तक बनी रहने की संभावना है।

भोपाल में दिन में धूप, शाम को तेज बारिश इससे पहले मंगलवार को भोपाल, इंदौर, टीकमगढ़ समेत 20 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का दौर चला। भोपाल में दिनभर धूप खिली रही, लेकिन शाम 4 बजे के बाद मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे पूरा शहर तरबतर हो गया।

टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सागर, इंदौर, छिंदवाड़ा, दमोह, उज्जैन, हरदा, शाजापुर में भी बारिश का दौर चला। रात में भी कई जिलों में बारिश हुई।

इस बार 7.3 इंच बारिश ज्यादा मध्यप्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 21 इंच बारिश हो चुकी है जबकि अब तक 13.7 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.3 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 53% अधिक है।

3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों में भी बेहतर स्थिति है। यहां 80% से 95% तक बारिश हो चुकी है।

दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे हैं। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry