कलेक्टर रेट बढ़ाने का फैसला स्थिरता से टाला नहीं गया: हरियाणा सरकार ने किया आदेश जारी

राज्य

 चंडीगढ़
 हरियाणा में अब सभी जिलों में घर बनाना महंगा होने जा रहा है। राज्य सरकार ने एक अगस्त से प्रदेश में नए कलेक्टर रेट लागू करने की तैयारी कर ली है। नई दरें लागू होने से हरियाणा में जमीनों की खरीद-फरोख्त महंगी हो जाएगी। नायब सरकार के सत्ता में आने के बाद यह पहला मौका होगा जब प्रदेश में कलेक्टर रेट की नई दरें लागू की जाएंगी।

हरियाणा में कलेक्टर रेट को लेकर पिछले कई माह से विवाद चल रहा है। प्रदेश में पिछले साल पहले लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते एक दिसंबर को ही नए कलेक्टर रेट लागू किए जा सके थे।

इतनी बढ़ोतरी की संभावना

अब 2025- 26 के लिए 1 अगस्त से नए कलेक्टर रेट के हिसाब से ही जमीनों की रजिस्ट्रियां होंगी. CM नायब सैनी के अधीन रेवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से सभी मंडलों के कमिश्नर और उपायुक्त को यह आदेश जारी कर दिया गया है. नए कलेक्टर रेट के लिए विभिन्न स्थानों पर 5 से 25% तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. प्रदेश सरकार के इस फैसले से जमीन की खरीद-फरोख्त करना और ज्यादा महंगा हो जाएगा. सरकार के इस कदम से राज्य का खजाना तो भरेगा, लेकिन आमजन को महंगाई की मार से जूझना पड़ेगा.

पिछले साल जमीन के कलेक्टर रेट में 12 से 32% तक बढ़ोतरी हुई थी. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से नजदीकियों के चलते NCR में जमीन बहुत अधिक महंगी है, इसलिए वहां कलेक्टर रेट बाकी जिलों से काफी अधिक रखे गए थे. इनमें रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, बहादुरगढ़, सोनीपत, करनाल और पानीपत में 20 प्रतिशत और गुरुग्राम, सोहना, फरीदाबाद, पटौदी और बल्लभगढ़ के कलेक्टर रेट में 30% तक बढ़ोतरी की गई थी. इस बार भी यहां रेट ज्यादा होने के आसार नजर आ रहे हैं.
क्या होता है कलेक्टर रेट?

किसी भी जिले में जमीन की वह न्यूनतम कीमत कलेक्टर रेट कहलाती है, जिसपर कोई रियल एस्टेट प्रोपर्टी खरीदार को बेची जा सकती है. इसी रेट पर तहसील में प्रोपर्टी की रजिस्ट्री होती है. कलेक्टर रेट में समय- समय पर बदलाव होता रहता है, जो जगह और मार्केट के रूझान पर डिपेंड करता है.

नए कलैक्टर रेट के लिए विभिन्न स्थानों पर 5 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी का प्रस्ताव है। पिछले साल जमीन के कलैक्टर रेट 12 से 32 प्रतिशत तक बढ़ाए गए थे। देश की राजधानी दिल्ली के नजदीक होने के कारण एन.सी. आर. में जमीन बहुत अधिक महंगी है। इसलिए वहां कलैक्टर रेट बाकी जिलों से काफी अधिक रखे गए थे। इनमें रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, बहादुरगढ़, सोनीपत, करनाल और पानीपत में 20 प्रतिशत और गुरुग्राम, सोहना, फरीदाबाद, पटौदी और बल्लभगढ़ के कलैक्टर रेट में 30 प्रतिशत तक बढ़ौतरी की गई थी। इस बार भी यहां रेट ज्यादा होने के आसार हैं।

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