तिलस्वा में बाढ़ जैसे हालात, प्रशासन ने रात में ही शुरू किया बचाव अभियान

राज्य

 भीलवाड़ा

जिले के बिजौलिया उपखंड क्षेत्र के तिलस्वा गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रविवार देर रात से जारी तेज बारिश के कारण पूरा गांव जलमग्न हो गया है। गांव के अधिकांश हिस्सों में 4-5 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों के घरों, दुकानों और मंदिरों तक में पानी घुस गया है। तिलस्वा तीर्थ क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और श्रद्धालु मंदिर में फंसे हुए हैं। एसडीआरएफ की टीम नाव के जरिये बचाव कार्य कर रही है।

एरू नदी पर बनी पुलिया पर लगभग आठ फीट ऊंचाई तक पानी बह रहा है, जिससे तिलस्वा गांव का संपर्क अन्य गांवों और कस्बों से पूरी तरह कट गया है। बिजौलिया क्षेत्र में सोमवार सुबह तक 136 मिमी (5.35 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो बीते 15 घंटे से लगातार जारी है। इससे न केवल ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि क्षेत्र की फसलें और यातायात व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

गंभीर हालात को देखते हुए प्रशासन ने रात 3 बजे से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। तहसीलदार ललित डिडवानिया, कांस्या चैकी प्रभारी नरेश सुखवाल और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। तिलस्वा तीर्थ में फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। प्रशासन ने जल स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। तिलस्वा तीर्थ मंदिर परिसर में भारी मात्रा में पानी भर गया है, जिससे मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचने वाला मार्ग जलमग्न हो गया है। श्रद्धालुओं को मंदिर के भीतर ही फंसे रहना पड़ा और बाद में उन्हें सिविल डिफेंस टीम द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। मंदिर के आसपास की गलियों, दुकानों और आवासीय मकानों में पानी भरने से स्थानीय निवासियों की दिनचर्या पूरी तरह से बाधित हो गई है।

बिजौलिया कस्बे की छाई पुलिया और केसरगंज पुलिया पर पानी का तेज बहाव जारी है। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। कई स्थानों पर वाहन फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं। क्षेत्र के किसानों के खेतों में भी पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इससे ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। उपखंड और तहसील प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घरों के भीतर ही रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन से संपर्क करें। राहत कार्यों के तहत प्रभावित लोगों को भोजन और रहने की अस्थायी व्यवस्था की जा रही है।

एरू नदी के ऊफान और लगातार बारिश के कारण जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों की मानें तो यदि बारिश का यही क्रम जारी रहा तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है। प्रशासन ने जल निकासी के लिए पंप और अन्य उपकरणों को तैनात कर दिया है और जलभराव वाले इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। तिलस्वा के हालात फिलहाल चिंताजनक बने हुए हैं, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी से राहत की उम्मीद की जा रही है। लोगों को सुरक्षित रखने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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