रायपुर
17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के तहसीलदार हड़ताल पर हैं. इसके चलते जमीन संबंधी काम को लेकर लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. रायपुर के तहसील दफ्तर में सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग निराश होकर वापस लौट रहे. तीन दिनों से लोग परेशान हैं.
लोग नकल निकालने, त्रुटि सुधार, आय, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य राजस्व संबंधित कार्य के लिए तहसील कार्यालय पहुंचे, लेकिन अधिकारियों के नहीं होने के कारण कोई काम नहीं हुआ. तीन दिन से तहसीलदार समेत नायब तहसीलदार 17 सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल पर हैं. आज से तहसीलदारों की अनिश्चित कालीन हड़ताल भी शुरू हो चुकी है. इस कारण रायपुर समेत प्रदेशभर के तहसील कार्यालयों में काम ठप है. हड़ताल के कारण तहसील कार्यालयों में सन्नाटा पसरा है.
रायपुर तहसील ऑफिस में 10 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग
मिली जानकारी के अनुसार रायपुर तहसील ऑफिस में करीब 10 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग है, लेकिन हड़ताल के कारण इन मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही. हालांकि राजस्व संबंधित कार्य के लिए आवेदन करने के साथ पेशी की तारीख जानने के लिए गिने-चुने पक्षकार एवं वकील कार्यालय पहुंच रहे. बड़ी संख्या में तहसील ऑफिस पहुंचे हितग्राहियों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से तहसील ऑफिस के चक्कर लगाना पड़ रहा है. यहां आकर पता चला कि तहसीलदार हड़ताल पर हैं.
पेशी की तारीख जानने वकील भी लगा रहे चक्कर
कुछ वकील तहसील ऑफिस में पेशी की तारीख जानने तहसील ऑफिस पहुंचे. उनका कहना है कि कोर्ट में ऑलरेडी बहुत काम है और अब तहसीलदार हड़ताल पर हैं. तहसीलदारों के हड़ताल पर जाने से काम और भी बढ़ गया है. पेशी की दिनांक जानने के लिए अब चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
तहसीलदारों का कैबिन खाली देख उल्टे पांव लौट रहे लोग
रायपुर में तहसीलदार राममूर्ति दिवान, तहसीलदार राकेश देवांगन और अतिरिक्त तहसीलदार प्रकाश सोनी के दफ्तर भी पूरी तरह खाली दिखाई दिया. लोग तहसील दफ्तर अपने काम को लेकर आते रहे, लेकिन तहसीलदारों का कैबिन खाली देखकर मुंह लटकाकर वापस लौट गए. ऐसे ही स्थिति छत्तीसगढ़ के सभी तहसील दफ्तर में देखने को मिल रही है.
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