श्रावण समापन पर महाकाल के दरबार में आस्था का सागर, भस्म आरती में जुटे हजारों भक्त

मध्य प्रदेश राज्य

उज्जैन
श्रावण मास का अंतिम सोमवार… और श्री महाकालेश्वर की अलौकिक भस्म आरती। आज उज्जैन की प्राचीन नगरी फिर से हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठी । सुबह ब्रह्म मुहूर्त में जब महाकाल की भस्म आरती प्रारंभ हुई, तो मंदिर प्रांगण में एक अद्भुत, दिव्य वातावरण बन गया। हजारों श्रद्धालु, दूर-दराज से आए भक्त, होठों पर भोले का नाम, आँखों में भक्ति का नूर और दिल में एक ही कामना आज महाकाल की भस्म आरती का साक्षात् दर्शन हो जाए।आज श्रावण माह का चौथा और अंतिम सोमवार है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में अब तक (अंतिम सोमवार) करीब 1 लाख श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। सोमवार तड़के ढाई बजे भस्म आरती के दौरान कपाट खोले गए। भगवान महाकाल को जल अर्पित कर भस्म रमाई गई।

भस्म आरती के दौरान चलायमान दर्शन व्यवस्था में बिना परमिशन वाले भक्तों ने भी भस्म आरती में चलित दर्शन दर्शन किए। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर महाकाल के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया।

पंडित महेश पुजारी ने बताया कि श्रावण माह तपस्या का माह रहता है। महाकाल मंदिर में भगवान की दिनचर्या रोजाना की तरह रही। सुबह भगवान को भांग चंदन अर्पित किया गया। श्रावण माह में महाकाल मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त जल अर्पित कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लेकर उन्हें प्रसन्न करते हैं।

शाम 4 बजे महाकाल भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। पालकी में श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमोलेश्वर स्वरूप में, गजराज पर श्री मनमहेश रूप, गरुड रथ पर श्री शिव तांडव प्रतिमा, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश जी स्वरूप में दर्शन देंगे।

मंदिर के सभा मंडप में भगवान की पालकी का पूजन होगा। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जाएगी। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड के जवान, भजन मंडली, झांझ मंडली के सदस्य व पुलिस बैंड भी शामिल रहेंगे।

इससे पहले श्रावण माह के पहले सोमवार पर 2.5 लाख, दूसरे पर 3 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे। तीसरे सोमवार को 4 लाख लोग पहुंचे थे।

महाकाल की आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मा की जागृति है। जब भस्म से श्री महाकाल का श्रृंगार होता है, तो ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रकृति स्वयं शिव में लीन हो रही हो। भक्तों की भीड़ इतनी अधिक रही कि मंदिर प्रबंधन को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। ऑनलाइन दर्शन की सुविधा के साथ, मंदिर के विभिन्न हिस्सों में LED स्क्रीन पर भी आरती का सीधा प्रसारण किया गया।

श्रद्धालुओं की भावनाएं
बिहार से आए एक बुजुर्ग श्रद्धालु ने कहा — “20 सालों से ये आरती लाइव देख रहा था, लेकिन आज जीवन सफल हो गया जब साक्षात महाकाल को भस्म में लिपटे देखा।”

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry