घर बैठे इलाज का समाधान: E-Sanjeevani से गांवों को कैसे मिल रहा फायदा?

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
 भोपाल से ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के उपमहानिदेशक (प्रशासन) जगदीश राजेश ने सोमवार को भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर (BMHRC) में तीन नई पहलों की शुरुआत की। इसमें सबसे अहम रही ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत, जिससे दमोह, सिंगरौली और मंडला के मरीजों को अब विशेषज्ञ डॉक्टरों से सीधे ऑनलाइन परामर्श मिल सकेगा।

क्या है ई-संजीवनी सेवा और कैसे मिलेगा फायदा?

ई-संजीवनी सेवा एक ऑनलाइन टेलीपरामर्श सुविधा है, जो राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू की गई है। इस सेवा के तहत अब इन जिलों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत डॉक्टर, भोपाल स्थित BMHRC के विशेषज्ञों से सीधे सलाह ले सकेंगे।

विशेषज्ञ डॉक्टरों में शामिल होंगे

    जनरल मेडिसिन
    स्त्री रोग
    गैस्ट्रो मेडिसिन
    क्रिटिकल केयर

इससे मरीजों को भोपाल या जिला अस्पताल तक बार-बार आने की जरूरत नहीं होगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
ग्रामीण मरीजों के लिए क्यों है ये सेवा उपयोगी?

BMHRC की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव के अनुसार, यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बेहद लाभकारी होगी। इससे दूरदराज के मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और इलाज की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। साथ ही, यह सेवा स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ, सस्ती और तेज बनाएगी।

नवनियुक्त कर्मचारियों के लिए ट्रेनिंग और हिंदी टाइपिंग का शुभारंभ

ICMR उपमहानिदेशक ने BMHRC में दो अन्य पहलों का भी उद्घाटन किया

1. ओरिएंटेशन प्रोग्राम

    यह प्रशिक्षण ICMR के नवनियुक्त तकनीकी कर्मचारियों के लिए है।
    इसमें प्रशासनिक कौशल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और नेतृत्व क्षमता जैसे विषयों पर फोकस किया गया।

2. हिंदी टाइपिंग प्रशिक्षण

    4 से 8 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण में 15 कर्मचारियों को राजभाषा विभाग द्वारा हिंदी प्रशासनिक कार्यों में दक्ष बनाया जाएगा।
    प्रशिक्षण का नेतृत्व श्री घनश्याम नामदेव करेंगे।

 

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