योगी बोले — विकसित भारत के निर्माण में यूपी की भूमिका होगी गेमचेंजर

उत्तर प्रदेश राज्य

लखनऊ
उत्तर प्रदेश विधानसभा में विजन 2047 पर 24 घंटे से अधिक चली ऐतिहासिक चर्चा का समापन करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि भारत विकसित तब बनेगा, जब हर राज्य अपनी भूमिका निभाएगा और इसमें उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहेगा।
मुख्यमंत्री ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के 187 विधायकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि सभी ने गंभीरता और रुचिपूर्ण ढंग से बहस को सार्थक बनाया। उन्होंने कहा कि 24 घंटे से अधिक चली यह चर्चा लोकतंत्र की शक्ति और सदस्यों की गंभीरता का प्रमाण है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल देश का सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य ही नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का ध्वजवाहक भी है। उत्तर प्रदेश सिर्फ बड़ी आबादी वाला राज्य नहीं, यह भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा का केंद्र बिंदु है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 2023 में लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश दुनिया के लिए ब्राइट स्पॉट है तो उत्तर प्रदेश भारत की ग्रोथ का ड्राइविंग फोर्स बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “अधिकांश सदस्य इस चर्चा में अपने विचार और विज़न को रखना चाहते थे, लेकिन समय और संसाधनों की सीमाओं को देखते हुए हमें चर्चा को आगे बढ़ाना है। इससे संबंधित व्यापक कार्यनीति तैयार करनी है और समाज से जुड़े सभी हितधारकों तक जाना है। उनसे बातचीत के बाद, एक विस्तृत चर्चा कर, सेक्टर-वार मुद्दों पर हम फिर सदन में आएंगे। यह चर्चा उन लोगों के लिए भी आंखें खोलने वाली है जो विधायिका और सदस्यों के आचरण पर उंगली उठाते हैं। प्रदेश और देश के लिए जब भी आवश्यकता पड़ी, हम सभी ने अपना योगदान दिया है और आगे भी देते रहेंगे। हम सबका सौभाग्य है कि देश अपनी आज़ादी के अमृतकाल में प्रवेश कर रहा है। स्वतंत्रता के 78 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। यह यात्रा आत्मावलोकन का अवसर है। मैं कई अवसरों पर इस 24 घंटे की चर्चा का हिस्सा बना। मैंने देखा कि सत्ता पक्ष, विपक्ष और अन्य सभी माननीय सदस्यों ने इसमें गंभीर रुचि दिखाई। कुछ सदस्यों ने तो रातभर जागकर भी चर्चा में योगदान दिया, जिससे देश का भी ध्यान इस ओर गया।”
उन्होने सवालिया अंदाज में कहा, “क्या भारत विकसित होगा तो उसमें उत्तर प्रदेश का भी योगदान होगा। क्या उत्तर प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय अधिक नहीं होनी चाहिए। क्या वह खुशहाली का हिस्सा नहीं होना चाहिए। इन सवालों पर हमने दो भागों में चर्चा को बांटा। पहला 1947 से 2017 तक हमने क्या हासिल किया, और दूसरा, 2017 के बाद से आने वाले 30 वर्षों का रोडमैप। 1947 से 2047 तक की यह 100 वर्षों की यात्रा में हमने क्या खोया और क्या पाया, इसका आत्मावलोकन करने का यह सबसे उचित समय है। प्रधानमंत्री जी ने जो विजन डॉक्यूमेंट देश के सामने प्रस्तुत किया, उसी के अनुरूप उत्तर प्रदेश ने प्रारंभिक चर्चा को आगे बढ़ाने का कार्य किया है।”

 

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry