जापान की सुनामी शील्ड: क्या ये दीवारें कर पाएंगी तबाही को नाकाम?

दुनिया

टोक्यो 

बीते दिन सुबह-सुबह रूस में 8.8 तीव्रता का भूकंप आने के बाद तबाही देखी गई है. इस वजह से दोनों देशों के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की ऊंची-ऊंची लहरें देखी गई हैं. वहीं इस मामले में अमेरिका को भी अलर्ट मोड पर रखा गया था. कहा गया है कि यह दशक का सबसे शक्तिशाली भूकंप है, अमेरिका का मानना है कि यह 6वां सबसे तेज भूकंप है. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया था कि लगभग 30 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें होक्काइडो के पूर्वी तट पर नेमुरो तक पहुंची. जापान में सुनामी के बीच यह भी जान लेते हैं कि यह देश समुद्र के किनारे दीवार खड़ी कर रहा है. आखिर इस दीवार से उसे क्या फायदा होगा.

जापान की विनाशकारी सुनामी

इंसान दुनिया में बाकी कई चीजों से बचने का उपाय खोज सकता है, लेकिन प्राकृतिक आपदा से हर बार बचना संभव नहीं होता है. हालांकि फिर भी मनुष्य कोशिश करना नहीं छोड़ता है. इसी कोशिश में जापान समुद्र के किनारे दीवार खड़ी कर रहा है, क्योंकि उसका मानना है कि इससे जरिए सुनामी से बचा जा सकता है. दरअसल 11 मार्च 2011 को जापान में एक विनाशकारी भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता 9.1 थी. इसके बाद समुद्र में विशाल सुनामी उठी थी, जिसने तटीय क्षेत्रों को तबाह कर दिया था.

जापान ने लिया सबक और बनाई दीवार

इस आपदा में हजारों लोगों की मौत हुई थी और लाखों की संख्या में लोग बेघर हो गए थे. इसी तबाही के बाद जापान ने अपने लोगों के बचाव के लिए समुद्र में दीवार बनाने का फैसला किया था. इसे सी वॉल भी कहा जाता है. जापान इंजीनियरिंग चमत्कार के जरिए इस दीवार को कोस्टल क्षेत्रों के लिए डिजाइन कर रहा है. उस आपदा के बाद में जापान को इतना तगड़ा सबक मिला था कि उसने इसी वजह से यह हल निकाला, जिससे कि भविष्य में इस तरीके की घटना का दोबारा सामना न करना पड़े. जिस जगह से समुद्र का पानी शहर में दाखिल हुआ था, जापान ने आज वहां बहुत ऊंची दीवार खड़ी कर दी है, जिससे कि अगर दोबारा उस तरीके की आपदा आए तो शहर का बाल भी बांका न हो.

कैसे लहरों को रोकेगी दीवार

जापान जिस हिस्से में है, उसे रिंग ऑफ फायर कहा जाता है. यहां पर भूकंप और ज्वालामुखी की वजह से सुनामी का खतरा हमेशा रहते है. इसीलिए जापान ऐसे डिजास्टर से खुद को बचाने के लिए लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल करता है. जापान ने समुद्र के किनारे जो डिजाइन बनाई है, वो बेहद मजबूत और ऊंची है. इसे लगभग 400 किमी लंबा और 15 मीटर ऊंचा बनाया गया है और इसे कर्व शेप में डिजाइन किया गया है, जिससे कि लहरें इससे टकराकर वापस लौट जाएं. 

क्या वाकई इससे रुकेगी सुनामी

जापान ने इस दीवार को बनाया तो इसी उद्देश्य से है कि सुनामी की बड़ी-बड़ी लहरों से शहर की रक्षा हो सके. वैसे तो छोटी लहरों को रोकने के लिए यह दीवार परफेक्ट है, लेकिन बहुत बड़ी लहरों के लिए समाधान नहीं है. जापान ने बड़े खतरों को रोकने के लिए हॉटस्पॉट जगहों पर सुनामी कंट्रोल पार्क बनाने की प्लानिंग भी की है. इसमें पेड़ और ब्रेक वॉटर के जरिए सुनामी का प्रेशर कम किया जा सकेगा. भले ही यह दीवार लोगों को सुनामी से बचाने के लिए हमेशा सुरक्षा न कर पाए, लेकिन उनको बचने के लिए यह एक्स्ट्रा टाइम जरूर दे सकती है.

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry