अब किसी कोने में नहीं छिप पाएंगे अपराधी, बिहार पुलिस का ऑपरेशन जारी
पटना,
बिहार में अपराध करके दूसरे राज्यों में छिपने वाले अपराधियों के दिन अब लद गए हैं। इस साल जनवरी से अब तक पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने देशभर के कई राज्यों से 64 कुख्यात और इनामी अपराधियों को दबोचा है। सबसे ज्यादा 14 अपराधी दिल्ली से पकड़े गए, जबकि पश्चिम बंगाल से 9 की गिरफ्तारी हुई है।
यहां से दबोचे गए 64 कुख्यात
एडीजी (अभियान एवं मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने बताया कि भगोड़े अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संगठित आपराधिक गिरोहों का सफाया STF की प्राथमिकता है। उन्होंने खुलासा किया कि दिल्ली और पश्चिम बंगाल के बाद उत्तर प्रदेश और गुजरात 7-7 अपराधी, झारखंड से 6, हरियाणा से 5, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से 4-4, हिमाचल और पंजाब से 2-2 समेत राजस्थान, गोवा, उड़ीसा, उत्तराखंड, कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर और मणिपुर से भी अपराधियों को पकड़ा गया है।
नक्सल पड़े कमजोर, अपराधियों पर फोकस
एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने बताया कि बिहार में नक्सली हिंसा अब कमजोर पड़ चुकी है। जिसके बाद STF का फोकस अपराधी गिरोहों और उनकी सप्लाई चेन तोड़ने पर है। यही वजह है कि इस साल अब तक 857 अपराधी गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 752 था। बताते चलें 2024 में 44 नक्सली गिरफ्तारी हुई। जबकि इस साल अब तक 101 नक्सली पकड़े जा चुके हैं।
इनामी बदमाशों की गिरफ्तारियां
STF ने कई बड़े इनामी अपराधियों को दबोचा है। एडीजी मुख्यालय और अभियान ने बताया कि इनामी बदमाशों की लिस्ट में बुटन चौधरी, 2 लाख का इनामी बदमाश था। जिसे महाराष्ट्र के उदवंतनगर से 18 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। दिल्ली से सुबोध सिंह को दबोचा गया। यह इंटर-स्टेट सोना लुटेरा था। जिसे 5 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। विकास उर्फ जॉन राइट भी इनामी बदमाश था। इस पर 2 लाख का इनामी घोषित था। जिसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। वहीं, 1 लाख के इनामी नक्सली राजेश यादव को महाराष्ट्र से पकड़ा गया और मनीष नाम के 50 हजारी अपराधी को दिल्ली के पहाड़गंज से दबोचा गया। मनीष सीवान-गोपालगंज का नामी बदमाश था।
ऑपरेशन में जवानों को मिली सर्वोच्च गति
एडीजी कृष्णन ने बताया कि अपराधियों को पकड़ने के ऑपरेशन में STF के कई जवानों ने जान गंवाई है। गुजरात के सूरत में ऑपरेशन के दौरान हुए हादसे में दारोगा मुकुंद मुरारी, जेसी विकास कुमार, जेसी जीवधारी कुमार, दारोगा संतोष कुमार और मिथिलेस पासवान की मौत हो गई थी। जिन्होंने पुलिस सेवा के दौरान सर्वोच्च गति प्राप्त की।
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