नई दिल्ली
आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने सौरभ भारद्वाज के घर हुई ईडी की रेड को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की डिग्री पर देशभर में उठ रहे सवालों से ध्यान भटकाने के लिए यह छापेमारी कराई गई है।
आतिशी ने मंगलवार को यह आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद जनता का ध्यान असल मुद्दों से हटाना है। जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री की डिग्री की जानकारी मांगी थी, तो केंद्रीय सूचना आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को डिग्री दिखाने का आदेश दिया। इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने डिग्री नहीं दिखाई, बल्कि सीआईसी के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर यह कैसी यूनिवर्सिटी है, जिसे इस बात का गर्व नहीं है कि देश के प्रधानमंत्री उसके पूर्व छात्र रहे हैं? उदाहरण देते हुए आतिशी ने कहा कि जब रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं तो दिल्ली यूनिवर्सिटी ने उन्हें सम्मानित किया। इसी तरह, जब वह खुद मुख्यमंत्री बनीं तो सेंट स्टीफंस कॉलेज और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने उनकी उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। लेकिन, दिल्ली यूनिवर्सिटी डिग्री सार्वजनिक करने से लगातार बच रही है।
आतिशी ने कहा कि जिस समय का मामला बताया जा रहा है, 2018-19 के दौरान दिल्ली के 24 अस्पतालों के निर्माण से जुड़ा, उस वक्त सौरभ भारद्वाज मंत्री नहीं थे ही। वह दो साल बाद मंत्री बने। ऐसे में इस केस की कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इसी तर्क पर रेड हो सकती है तो क्या भाजपा-कांग्रेस शासनकाल के 2जी, कोल गेट और कॉमनवेल्थ घोटाले में प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री पर भी छापे मारे जाएंगे?
आतिशी ने कहा कि 'आप' ने आज तक भ्रष्टाचार का एक भी मामला नहीं किया। उन्होंने सत्येंद्र जैन का उदाहरण दिया, जिन पर वर्षों तक कार्रवाई चली, लेकिन आखिरकार सीबीआई और ईडी को क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी पड़ी क्योंकि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। इसी तरह, सौरभ भारद्वाज पर डाली गई रेड भी राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि 'आप' को डराने की हर कोशिश नाकाम होगी। हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे और सरकार की सच्चाई सामने लाते रहेंगे।
What do you feel about this post?
Like
Love
Happy
Haha
Sad
