जसप्रीत बुमराह के चयन को लेकर पूर्व क्रिकेटर ने किया विवादित बयान

खेल

नई दिल्ली
मौजूदा दौर के दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। वह मैच खेलें तो भी चर्चा, न खेलें तो भी चर्चा। एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी खत्म हुए करीब एक महीने होने को हैं, लेकिन जसप्रीत बुमराह को लेकर चर्चाओं पर विराम नहीं लग रहा। सीरीज से पहले ही तय था कि वह 5 में सिर्फ 3 टेस्ट ही खेलेंगे, हुआ भी ऐसा लेकिन उसकी गूंज अब भी सुनाई दे रही है। शायद इसलिए भी कि सीरीज में मोहम्मद सिराज ने 185 से ज्यादा ओवर फेंके और सबसे ज्यादा विकेट लिए, वर्कलोड तो उन पर भी है।

इस मामले में ताजा टिप्पणी आई है भारत के पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मनोज तिवारी की। उन्होंने तो एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए जसप्रीत बुमराह के चयन पर ही सवाल उठा दिए हैं। क्रिकट्रैकर से बातचीत में तिवारी ने कहा कि कोई भी खिलाड़ी क्रिकेट से बड़ा नहीं होता, अगर किसी का किसी सीरीज के लिए टीम में चयन हुआ है तो मतलब ये होना चाहिए कि वह हर मैच में उपलब्ध रहे। अगर ऐसा नहीं है तो उसका चयन ही क्यों? मनोज तिवारी ने कहा, ‘मेरी राय है कि अगर कोई खिलाड़ी 5 टेस्ट की सीरीज के लिए फिट नहीं है, और आप यह पहले से जानते हैं तब आप उस शख्स को नहीं चुनेंगे।’

उन्होंने आगे कहा, 'आप उस शख्स को क्यों नहीं चुनेंगे? इसलिए कि कोई भी क्रिकेट के खेल से तो बड़ा नहीं है। और यह सभी से कहा जाना चाहिए, वो चाहें जसप्रीत बुमराह हों या विराट कोहली या रोहित शर्मा हो या इस दुनिया का कोई भी हो। क्रिकेट के गेम से बड़ा कोई नहीं है।' वैसे बुमराह ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी से पहले हुए बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के सभी 5 टेस्ट मैच खेले थे। वह सिडनी में खेले गए निर्णायक टेस्ट के दौरान बैक इंजरी के शिकार हो गए थे। इस वजह से वह आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी भी नहीं खेल पाए थे। यही वजह थी कि चयनकर्ताओं को टीम मैनेजमेंट ने बुमराह को इंग्लैंड दौरे पर सिर्फ 3 टेस्ट खिलाने का फैसला किया था। इसके बाद भी मनोज तिवारी को लगता है कि अगर कोई खिलाड़ी हर मैच के लिए उपलब्ध नहीं है तो उसे स्क्वाड में चुनना ही नहीं चाहिए, भले ही वह कितना ही बड़ा खिलाड़ी हो।

मनोज तिवारी ने कहा, 'अगर टीम मैनेजमेंट को पता है या चयनकर्ता को पता है कि वह लगातार 5 टेस्ट तक नहीं खेल पाएंगे तब उन्हें चुना ही नहीं जाना चाहिए। दूसरा कारण ये है कि अगर बेंच स्ट्रेथ मौजूद न हो, कोई दूसरा गेंदबाज न हो जो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनकी भरपाई करने को तैयार हो, तब तो ठीक है। लेकिन जब आप जानते हैं कि आपके पास बेंच स्ट्रेंथ भी है। जब आपके पास तेज गेंदबाजों का एक पूल है और वो बढ़िया कर भी रहा है तब आपको उन्हें पहले ही नहीं चुनना चाहिए था।' मनोज तिवारी ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और बाकी के मैनेजमेंट की इस बात के लिए भी आलोचना की कि बुमराह सभी 5 टेस्ट नहीं खेलेंगे, सिर्फ 3 खेलेंगे यह इंग्लैंड को पहले ही क्यों बता दिया गया।

 

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