आज से राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र, कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने होने को तैयार

राज्य

जयपुर

राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है। सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार कर साफ कर दिया है कि सदन का माहौल गरम रहने वाला है। कांग्रेस ने इस सत्र को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखा टकराव देखने को मिलेगा। बजट सत्र में भी कांग्रेस ने सरकार पर लगातार हमले किए थे और कई बार कांग्रेस विधायकों और स्पीकर के बीच तनातनी की स्थिति बनी थी।

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के तीखे तेवर
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष चाहते हैं कि सत्र लंबा चले, लेकिन सरकार जल्दबाजी में इसे कुछ दिनों में समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में सरकार की जवाबदेही तय करेगा, क्योंकि यह सरकार पौने दो साल में ही असफल और अलोकप्रिय साबित हो चुकी है।

जूली ने भाजपा सरकार के "अलोकतांत्रिक रवैये" की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जिलों में कांग्रेस के निर्वाचित प्रधानों, प्रमुखों और चेयरमैनों को चुन-चुनकर हटाया जा रहा है। यहां तक कि मुख्यमंत्री के गृह जिले में सभी निर्वाचित प्रधानों को हटाकर भाजपा नेताओं को बिठा दिया गया है। यही वजह है कि सरकार पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनाव भी नहीं करवा रही है और हाईकोर्ट से स्टे लेकर बच रही है।

मुख्यमंत्री सिर्फ भाजपा के नहीं
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री केवल एक पार्टी के नहीं होते। उन्होंने याद दिलाया कि कांग्रेस सरकार के समय मई 2020 में मुख्यमंत्री ने सभी 200 विधायकों और 25 सांसदों की बैठक बुलाकर उनकी बातें सुनी थीं। जूली के अनुसार मौजूदा सरकार विपक्ष की आवाज को दरकिनार कर केवल भाजपा विधायकों, सांसदों और यहां तक कि हारे हुए प्रत्याशियों से ही बातचीत कर रही है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry