सिंहस्थ के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर कदम: इंदौर-उज्जैन रोड पर ग्रीन फील्ड मार्ग

मध्य प्रदेश राज्य

भोपाल
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में अहम फैसले लिए गए। तय हुआ कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से शुद्ध जल पहुंचने के लिए लागू जल जीवन मिशन में अब पुनरीक्षित परियोजनाओं के लिए केंद्रांश ना मिलने के कारण पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। 8,358 पुनरीक्षित परियोजनाओं के लिए 2,813 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे इन परियोजनाओं से जुड़े सात लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। यह प्रस्ताव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने रखा था, जिसके स्वीकृति दी गई।

87 हजार करोड़ से अधिक की मिल चुकी है स्वीकृति
26 सितंबर 2023 को प्रदेश के संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन का निर्णय लिया गया था। अब तक प्रदेश में 20,765 करोड़ रुपये की लागत की 27,990 एकल ग्राम नल जल योजना और 60,786 करोड़ रुपये लागत वाली 148 समूह जल प्रदाय योजनाओं की स्वीकृति दी गई हैं।
 
15,947 एकल ग्राम योजनाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष 12,043 के काम विभिन्न चरणों में हैं। विभिन्न कारणों से 8,358 योजनाओं के पुनरीक्षण की आवश्यकता हुई है। यदि पुनरीक्षण नहीं किया जाता है तो सात लाख परिवार घरेलू नल कनेक्शन से वंचित रह जाएंगे। इसे देखते हुए पुनरीक्षित लागत 9,027 करोड़ रुपये की स्वीकृति देने की अनुशंसा स्थायी वित्त समिति ने की। मूल स्वीकृत लागत 6,213.76 करोड़ रुपये है और जो वृद्धि हो रही है, वह राशि केंद्र सरकार से प्राप्त नहीं होगी, इसलिए 2,813.21 करोड़ रुपये का भार प्रदेश सरकार वहन करेगी।
 
इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग पर फोरलेन, सर्विस रोड भी दिसंबर 2024 में स्वीकृत
    इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग (48.05 किमी) अब सर्विस रोड के साथ बनेगा। इसमें 34 अंडर पास, दो फ्लाइ ओवर, एक रेलवे ओवर ब्रिज, सात मध्यम पुल के साथ दो बड़े जंक्शन बनाए जाएंगे।
    परियोजना की लागत 2935.15 करोड़ रुपये आएगी। निर्माणकर्ता एजेंसी को 15 साल तक इसका रखरखाव करना होगा। यह मार्ग 2028 में होने वाले सिंहस्थ की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है।
    साथ ही उज्जैन शहर में हरिफाटक रेलवे क्रासिंग पर 980 मीटर लंबाई के नए फोर लेन रेलवे ओवर ब्रिज (लागत 371 करोड़) निर्माण की स्वीकृति भी दी गई।

दो लेन का बनेगा नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग
नर्मदापुरम-टिमरनी (72.18 किलोमीटर) मार्ग का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी माडल पर करने की स्वीकृति दी गई। परियोजना में दो अंडर पास, चार बड़े पुल, 37 मध्यम पुल, 14 वृहद और 52 मध्यम जंक्शन निर्माण प्रस्तावित हैं। मार्ग निर्माण की लागत 972 करोड़ आएगी। कंपनी को 17 वर्ष तक रखरखाव का काम करना भी होगा।

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