इंदौर
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (IET) के हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग मामले में एंटी रैगिंग कमेटी ने बुधवार को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। मामले में चार सीनियर स्टूडेंट्स दोषी पाए गए।
विवि ने बताया था आपसी विवाद मामले में पीड़ित जूनियर छात्र ने पहले विवि प्रबंधन को शिकायत की थी। यह बात भी सामने आई की सीनियर ने उसका मुंह कमोड में घुसा दिया था और फ्लश चालू कर दिया था। मामले में विवि ने इसे आपसी विवाद बताया था जबकि छात्र पलट गया था।
फिर उसने सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना के खिलाफ भंवरकुआ थाने में बदसलूकी और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें साफ बताया था कि वह मेडिकल नहीं कराना चाहता। इसके अगले दिन बाद पीड़ित स्टूडेंट ने यूजीसी को शिकायत की थी। इसमें चार-पांच सीनियर्स द्वारा मारपीट किए जाने की शिकायत की थी।
बताया था कि इन लोगों ने मेरी रैगिंग ली और अमानवीय व्यवहार किया। इस पर यूजीसी ने इसे रैगिंग माना और एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपकर जल्द रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद कमेटी ने मंगलवार को पीड़ित स्टूडेंट, सीनियर्स और संबंधित लोगों के बयान लिए।
एंटी रैगिंग कमेटी ने पेश की रिपोर्ट बुधवार को एंटी रैगिंग कमेटी अपनी रिपोर्ट पेश की। इसमें सीनियर स्टूडेंट आदर्श मकवाना सहित अन्य को दोषी पाया गया। मामले में आदर्श को छह माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया गया है। साथ ही उस पर 25 हजार रु. का फाइन किया है। इसके साथ ही तीन अन्य सीनियर्स को तीन-तीन माह के लिए इंस्टिट्यूट और होस्टल से निष्कासित किया है। इन पर 15-15 हजार रु. का फाइन किया है।
विवि ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, जल्द ही होगी FIR इस मामले में एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद विवि ने सीनियर स्टूडेंट्स पर सख्त कार्रवाई तो की ही है साथ ही मामले की रिपोर्ट भी भंवरकुआ थाने को सौंपी है। सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार रैगिंग मामलों में संबंधित आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की जाती है। इस मामले में भी अब एफआईआर की तैयारी है।
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