पटना
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने आधार फर्जीवाड़ा के मामले में साइबर अपराधियों के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मधेपुरा जिले से 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि 09 सितम्बर 2025 को आर्थिक अपराध इकाई, पटना के निर्देशन व मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने मधेपुरा जिले में छापेमारी की। इस दौरान राम प्रवेश कुमार,नितीश कुमार और विकास कुमार को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्तगण नकली वेबसाइटें (जैसे – ayushman.site, UCL इत्यादि) बनाकर, ECMP Software व UCL Source Code का दुरुपयोग करते थे। इन वेबसाइटों के माध्यम से लोगों के आधार और बायोमेट्रिक डेटा की चोरी की जाती थी और फिर उसका उपयोग कर फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जाते थे।
अभियुक्तों द्वारा बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से बचने के लिए सिलिकॉन फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल करते थे, जिससे उन्हें आसानी से ECMP को एक्सेस करने का रास्ता मिल जाता था। इसके बाद यह लोग आधार डाटा में हेरफेर कर सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते थे। गिरोह न सिर्फ़ आधार से जुड़ी सेवाओं में सेंध लगाता था बल्कि आम नागरिकों की पहचान व निजी जानकारी से खिलवाड़ कर राष्ट्रीय सुरक्षा व डेटा संरक्षण के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा था। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई में आईटी एक्ट 2000 की विभिन्न धाराओं एवं IPC की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं और अन्य शामिल व्यक्तियों व नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
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