नई दिल्ली
पाकिस्तान में आतंकवाद पर एक बड़ा खुलासा हुआ है. जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी ने एक चौंकाने वाला कुबूलनामे किया है, जिसमें उसने दिल्ली और मुंबई हमलों के पीछे जैश प्रमुख मसूद अजहर का हाथ बताया है. कुबूलनामे में पाकिस्तान के बालाकोट और बहावलपुर में जैश के ठिकानों का भी जिक्र किया गया है. कश्मीरी ने कहा कि बालाकोट की मिट्टी ने मसूद अजहर के मिशन को चलाने के लिए ठिकाना दिया.
आतंकी इलियास कश्मीरी ने अपने कुबूलनामे में पाकिस्तान की पोल खोल दी है. उसने बताया कि बहावलपुर के जैश कैंप में मारे गए आतंकियों के जनाजे में शामिल होने का आदेश सीधे जीएचक्यू यानी पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने अपने जनरलों को दिया था. यही नहीं, डीजी आईएसपीआर ने भी बहावलपुर और जैश-ए-मोहम्मद के बीच के लिंक को दबाने की कोशिश की थी.
कमांडर के कुबूलनामे से एक और बड़ी खबर सामने आई है. ऑपरेशन 'सिंदूर' के बाद आतंकी समूहों में भारी खौफ फैल गया है. कमांडर ने खुले मंच से 'मिशन-ए-मुस्तफा' के लिए अलग-अलग आतंकी समूहों को एकजुट होने की अपील की. उसने कहा कि कुछ लोगों ने जिहाद से इनकार कर दिया है, लेकिन वह बाकी के साथ मिलकर फिर से जिहाद को जिंदा रखना चाहता है.
जंग की वजह मसूद अजहर…
मसूद इलियास कश्मीरी ने कहा कि आज दुनिया में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से लेकर दिल्ली के मोदी और इजरायल के नेतन्याहू तक, अगर कोई शख्सियत जंग की वजह बन रही है, तो वह मसूद अजहर है. उसने कहा कि 'अल-जिहाद' की आवाज नेतन्याहू तक जानी चाहिए. उसने लोगों से जिहाद को जिंदा रखने के लिए हाथ उठाकर नारे लगाने की अपील भी की.
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